सिंचाई विभाग का मुख्य उद्देश्य था कि पहाड़ों का पानी खेतों तक पहुंचाना. इससे कई एकड़ खेतों में सिंचाई होती थी. योजना की डाक्यूमेंट्री बनायी गयी थी और दिल्ली में इंजीनियरों को दिखाया गया था. वहां इंजीनियरों को इसका अध्ययन कराया जाता है. पाइप फटने के कारण खेतों में पानी नहीं पहुंचने से धान, मकई, अरहर, टमाटर, भिंडी, कांदा, कुच्चू, मिर्च, मूंग-मसूर, चना आदि के फसल बरबाद हो सकते हैं. कृषक रामचंद्र महतो, सुखदेव महतो, कामेश्वर महतो, बालेश्वर महतो, कुलेश्वर महतो, महेंद्र महतो, मुरारी महतो ने योजना को पुनः बनाने की मांग की है.
डुमारो नदी में सिंचाई के लिए लगायी गयी पाइप फटी, कई एकड़ जमीन पर खेती प्रभावित
बड़कागांव: प्रखंड के डुमारो नदी में सिंचाई के लिए लगायी गयी पाइप के फट जाने से कई एकड़ जमीन में लगे फसलों को नुकसान पहुंचा. जलप्रपात एवं डुमारो नदी का पानी चोरका, पंडरिया, पगार, सिरमा, छवनिया, खैरातरी, कांडतरी, मिर्जापुर के खेतों में नहीं पहुंच रहा है. दिल्ली में इंजीनियरों की ट्रेनिंग : सिंचाई योजना को […]

बड़कागांव: प्रखंड के डुमारो नदी में सिंचाई के लिए लगायी गयी पाइप के फट जाने से कई एकड़ जमीन में लगे फसलों को नुकसान पहुंचा. जलप्रपात एवं डुमारो नदी का पानी चोरका, पंडरिया, पगार, सिरमा, छवनिया, खैरातरी, कांडतरी, मिर्जापुर के खेतों में नहीं पहुंच रहा है.
दिल्ली में इंजीनियरों की ट्रेनिंग : सिंचाई योजना को बेहतर करने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से डुमारो जलप्रपात से पाइप जोड़ी गयी थी, जिससे महुदी पहाड़ के पानी सीधे खेतों तक पहुंचता था. इससे हरित क्रांति आ गयी थी.