असफलता सफलता की सीढ़ी बनती है. घोषित परिणाम में एलकेजी में प्रथम विराज, द्वितीय केशव, तृतीय अर्पिता, यूकेजी में प्रथम मंजीत, द्वितीय सत्यम, तृतीय आंनद, वर्ग प्रथम में प्रथम दशरथ, द्वितीय निलेश, तृतीय कृष्णा, वर्ग द्वितीय में प्रथम राहुल, द्वितीय लुकमान, तृतीय पीयूष, वर्ग तृतीय में प्रथम अजीत, द्वितीय मोनू, तृतीय जिशान, वर्ग तृतीय बी में प्रथम रौशन, द्वितीय मोनिका, तृतीय अंजली, चतुर्थ ए में प्रथम अभिजीत, द्वितीय रौशन, तृतीय नितेश, चतुर्थ बी में प्रथम सूरज, द्वितीय अजीत, तृतीय सुशील, पंचम ए में प्रथम कृष्णा, द्वितीय धर्मेंद्र, तृतीय रुस्तम, पंचम बी में प्रथम अमित, द्वितीय पम्मी, तृतीय पिंटू, षष्ट ए में प्रथम साजिद, द्वितीय सिंटू, तृतीय सत्यम, षष्ट बी में प्रथम साजन, द्वितीय अनुज, तृतीय राहुल, षष्ट सी में प्रथम कल्याणी, द्वितीय श्वेता, तृतीय गायत्री, सप्तम ए में प्रथम रंजीत, द्वितीय उदय, तृतीय भरत, सप्तम बी में प्रथम आरिफ, द्वितीय दीपक, तृतीय आदित्य, सी में प्रथम श्वेता, द्वितीय ज्योति, तृतीय खुशी, अष्टम ए में प्रथम विवेक, द्वितीय इरफान, तृतीय प्रेम सागर, अष्टम बी में प्रथम पंकज, द्वितीय अयोध्या, तृतीय संतोष, नवम ए में प्रथम नवीन, द्वितीय रवि, तृतीय शशि, बी में प्रथम लालू, द्वितीय शंकर, तृतीय राहुल व पवन, दशम ए में प्रथम गोपाल, द्वितीय बादल, तृतीय पंकज, बी में प्रथम बेबी, द्वितीय निधि, तृतीय प्रतिभा रहीं.
इनमें से माया, लुकमान व पूनम ने 100 में 100 अंक हासिल किये. मौके पर शिक्षक श्याम सुंदर यादव, प्रभु चंद्र यादव, ब्रह्मदेव पांडेय, सिकंदर यादव, अजय यादव, विनोद यादव, प्रकाश यादव, सरयू यादव, महेश यादव, संजय यादव, शंकर दास, रंजीत सिंह, श्रवण यादव, बीरेंद्र यादव, मुकेश राणा, शानू प्रिया सिंह, नीलम देवी, महेश्वर पांडेय, विनोद शर्मा, कौलेश्वर राणा ने अपने विचार रखते हुए विद्यार्थियों की उज्जवल भविष्य की कामना की. संचालन पिंटू पांडेय ने किया.
