एक मंच पर सिमट आया गोकुल और वृंदावन

हजारीबाग : श्री कृष्ण के बाल रूप में बच्चे लोगों को मन मोह रहे थे. संस्कार भारती हजारीबाग इकाई की ओर से नगर भवन में आयोजित श्री कृष्ण बाल रूप सज्जा प्रतियोगिता में करीब 150 से अधिक बच्चे बाल कृष्ण के रूप में शामिल हुए. बाल श्री कृष्ण की नटखट लीलाओं व अदा से नगर […]

हजारीबाग : श्री कृष्ण के बाल रूप में बच्चे लोगों को मन मोह रहे थे. संस्कार भारती हजारीबाग इकाई की ओर से नगर भवन में आयोजित श्री कृष्ण बाल रूप सज्जा प्रतियोगिता में करीब 150 से अधिक बच्चे बाल कृष्ण के रूप में शामिल हुए.
बाल श्री कृष्ण की नटखट लीलाओं व अदा से नगर भवन गोकुल धाम व मथुरा नजर आया. किसी ने माखन चोर, तो कोई गो पालक, बांसुरी वादक, सुदर्शन चक्रधारी, कालिया नाग नाथने वाले बने थे. यह दृश्य मनमोहक था. प्रतियोगिता में छह माह से लेकर सात वर्ष के बच्चे तक शामिल हुए. कार्यक्रम का उद्घाटन डीसी रविशंकर शुक्ला, पुलिस अधीक्षक अनूप बिरथरे व पूर्व सांसद महावीर लाल विश्वकर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया. यहां शोभा सिन्हा, डॉ प्रह्लाद सिंह, संजय तिवारी एवं राकेश रंजन ने गायन किया. प्रतियोगिता के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये.
सांस्कृतिक विकास केंद्र के छोटे कलाकारों ने कान्हा सो जा जरा…गीत पर नृत्य पेश किया. पुष्प दीप संस्था, पारूल सोनी, सौम्या सोनी, प्रिंसेज डांस एकेडमी, नृत्य वाटिका एवं अंकिता कुमारी ने नृत्य व गीत प्रस्तुत किया. कार्यक्रम का संचालन शंकर चंद्र पाठक, राकेश रंजन, रंजना शर्मा ने किया. आयोजन में अध्यक्ष कुमार केशव, सचिव डॉ प्रह्लाद सिंह, ललन ओझा, संजय कुमार श्रीवास्तव, राजीव कुमार झा, संजय कुमार, प्रेम कुमार राणा, नवीन साहू, पुष्कर कुमार पुष्प, शोभा सिन्हा, कुमारी उमा, कुमारी शिवानी, कुमारी कविता व रजनी सहित अन्य उपस्थित थे.
कला संस्कृति परिवार को जोड़ता है : डीसी
डीसी रविशंकर शुक्ला ने मौके पर कहा कि कला संस्कृति व इतिहास परिवार को जोड़ने का काम करता है. इसी कार्य को आगे बढ़ाने का काम संस्कार भारती कर रहा है. संस्था की ओर से देश की पुरानी कला संस्कृति से बच्चों को जोड़ने का काम किया जा रहा है.
उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल बच्चों के अभिभावकों को बधाई दी. एसपी अनूप बिरथरे ने कहा कि बाल श्रीकृष्ण ने टाउन हाल को मथुरा वृंदावन बना दिया. गोकुल का आनंद लोगों को मिल रहा है. विषय प्रवेश शाद्वल कुमार किया. पूर्व सांसद महावीर लाल विश्वकर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में श्री कृष्ण का जीवन अधिक प्रासंगिक है. कलियुग की कुरीतियों का समाधान सामूहिक प्रयास से संभव है. धन्यवाद ज्ञापन अध्यक्ष कुमार केशव ने किया.

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