34 महिलाओं ने फांसी लगा कर व जहर खाकर आत्महत्या की है. वहीं 26 पुरुष व युवकों ने आत्महत्या की है. पिछले छह माह के आंकड़ों पर गौर करें, तो हजारीबाग जिले में हर तीन दिन में कोई न कोई खुदकुशी कर अपनी जान देता है. आत्महत्या के कारण ज्यादातर पारिवारिक विवाद, आर्थिक तंगी, काम का दबाव, शिक्षा में असफलता, प्रेम प्रसंग बताये गये हैं. आधुनिक जीवन शैली के प्रति आकर्षण, तनाव, अकेलापन को भी आत्महत्या का कारण बताया जा रहा है. प्रस्तुत है सदर अस्पताल से मिले आंकड़ों के बाद प्रस्तुत रिपोर्ट.
हजारीबाग में हर तीन दिन में एक आत्महत्या
हजारीबाग: जिले में आत्महत्या करने की प्रवृत्ति चिंता का विषय है. हजारीबाग में जनवरी 2017 से अब तक 60 लोगों ने खुदकुशी की है. खुदकुशी करनेवालों में ज्यादातर महिलाएं व युवतियां हैं. 34 महिलाओं ने फांसी लगा कर व जहर खाकर आत्महत्या की है. वहीं 26 पुरुष व युवकों ने आत्महत्या की है. पिछले छह […]

हजारीबाग: जिले में आत्महत्या करने की प्रवृत्ति चिंता का विषय है. हजारीबाग में जनवरी 2017 से अब तक 60 लोगों ने खुदकुशी की है. खुदकुशी करनेवालों में ज्यादातर महिलाएं व युवतियां हैं.
खुदकुशी की समस्या गंभीर है. आज युवक-युवतियों की आकांक्षाएं पूरा नहीं होना, प्रतियोगिताओं में असफल होना, अभिभावकों का दबाव, अपनी संस्कृति से दूर होना भी खुदकुशी का मुख्य कारण है. पारिवारिक विवाद, कलह के कारण भी लोगों में आत्महत्या की प्रवृत्ति आ रही है. समाज को जागरूक होने की आवश्यकता है.
प्रो डॉ नमिता गुप्ता, विभावि मनोविज्ञान शास्त्र
जहर खानेवाले महिला-पुरुष
महीना का नाम पुरुष महिला
जनवरी 04 01
फरवरी 01 02
मार्च 02 02
अप्रैल 02 04
मई 04 02
जून 03 5
जुलाई 00 03
फांसी लगानेवाले महिला-पुरुष
महीना का नाम पुरुष महिला
जनवरी 01 01
फरवरी 01 01
मार्च 02 04
अप्रैल 01 02
मई 01 04
जून 01 00
जुलाई 02 02