आदिवासियों के आवाज थे भगवान बिरसा मुंडा : जिलाध्यक्ष
आदिवासियों के आवाज थे भगवान बिरसा मुंडा : जिलाध्यक्ष
By Prabhat Khabar News Desk | Updated at :
गुमला. भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर कांग्रेसियों ने नगर स्थित बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं व पार्टी पदाधिकारियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही. कार्यक्रम का नेतृत्व जिलाध्यक्ष राजनील तिग्गा ने किया. उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा सिर्फ एक महान आदिवासी नायक नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत की नींद उड़ा कर आजादी की लड़ाई को नयी दिशा दी. भगवान बिरसा मुंडा आदिवासियों की आवाज थे. उन्होंने हमें सिखाया कि अन्याय व अत्याचार के सामने कभी झुकना नहीं चाहिए. जब अंग्रेजों ने जल, जंगल व जमीन पर कब्जा करना शुरू किया, तब बिरसा मुंडा ने उलगुलान का बिगुल फूंका और पूरी दुनिया को बता दिया कि आदिवासी समाज अपनी माटी व पहचान के लिए किसी भी कीमत पर लड़ सकता है. हम सबका कर्तव्य है कि उनके बताये मार्ग पर चलते हुए समाज में समानता, शिक्षा, भाईचारे व अधिकार की लड़ाई को जारी रखें. कार्यक्रम में आशिक अंसारी, प्रदेश सचिव अकील रहमान, मनीष हिंदुस्तान, मुरली मनोहर प्रसाद, गुलाम सरवर, रोहित उरांव, जय सिंह, रफी अली, आफताब आलम लाडले, सगीर आलम, शाहजहां अंसारी, सीता देवी, अभिषेक सोरेग, बबलू खान, शादाब आलम, मोहम्मद शादाब, रोशन दयाल भगत, मनोहरी भगत, रूपेश, सन्नी, गणेश राम, प्रो चंद्रकिशोर केरकेट्टा, सौरव कुमार, रोशन कुमार, उत्तम कुमार, अरुण गुप्ता आदि उपस्थित थे.
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