गुमला. जिले के शैक्षणिक सूचकांकों की समीक्षा बैठक उपविकास आयुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में हुई. बैठक में जिले की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा राज्यस्तरीय रैंकिंग में सुधार लाने पर विशेष जोर दिया गया. बैठक में जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी प्रियाश्री भगत, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी घनश्याम चौबे, एडीपीओ ज्योति खलखो, एपीओ रोज मिंज, फील्ड मैनेजर रामचंद्र सिंह, डायट के संकाय सदस्य, सभी प्रखंडों के बीपीओ एवं एमआईएस कोऑर्डिनेटर उपस्थित थे. डीडीसी ने निर्देश दिया कि सभी विद्यालयों में ई-विद्यवाहिनी के अंतर्गत शिक्षक व छात्र की ऑनलाइन उपस्थिति न्यूनतम 90 प्रतिशत सुनिश्चित की जाये. निर्धारित उपस्थिति से कम रहने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी. साथ ही शिशु पंजी सर्वे कार्य को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिये गये. आठवीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार के लिए सभी सीआरपी व बीआरपी को सक्रिय रूप से कार्य करने का निर्देश दिया गया. डीडीसी ने कहा कि सभी प्रखंड सामूहिक प्रयास से जिले की राज्यस्तरीय रैंकिंग में सुधार सुनिश्चित करें. बैठक में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत निचली कक्षाओं के विद्यार्थियों के प्रदर्शन, स्मार्ट क्लास व आइसीटी लैब की कार्यशीलता, पीएमश्री स्कूल, प्रखंड स्तरीय आदर्श विद्यालय तथा मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों के प्रदर्शन की समीक्षा की गयी. स्मार्ट क्लास और आइसीटी लैब की एजेंसी द्वारा छोटी-मोटी समस्याओं के समाधान में लापरवाही की जानकारी मिलने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध राज्य स्तर पर पत्र भेजने के निर्देश दिये गये. आधार अपडेट की समीक्षा में बताया गया कि जिले के 2,16,350 नामांकित बच्चों में से 1,93,681 बच्चों का आधार उपलब्ध है, जबकि 45,708 बच्चों के आधार अपडेट किये जाने की आवश्यकता है. इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिये गये. जिला शिक्षा अधीक्षक ने स्वीकार किया कि जिले के पिछड़े प्रदर्शन के लिए प्रखंड स्तर के साथ-साथ जिला स्तर के अधिकारियों की भी लापरवाही जिम्मेदार है, जिसे गंभीरता से सुधारने की आवश्यकता है. डीडीसी ने निर्देश दिया कि जिन शैक्षणिक इंडिकेटर्स में जिला पीछे है, उन पर प्रखंड स्तर से प्राथमिकता के साथ कार्य किया जाये और जिला स्तर से नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाये. डीडीसी ने कहा कि जो कार्य जिला स्तर से तत्काल किये जा सकते हैं, उन्हें स्वयं पूरा किया जाये तथा सभी इंडिकेटर्स पर निचले स्तर तक नियमित सहयोग दिया जाये. जिला द्वारा प्रखंडों को ग्रीन, येलो और रेड जोन में वर्गीकृत कर सतत मॉनिटरिंग व आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये.
आधार अपडेट व शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार करें: डीडीसी
डीडीसी की अध्यक्षता में गुमला जिले के शैक्षणिक सूचकांकों की हुई समीक्षा
