सिसई. जनजाति सुरक्षा मंच सिसई के तत्वावधान में मंगलवार को सोमेश्वर उरांव के नेतृत्व में धर्मांतरण के विरोध में विशाल पैदल मार्च निकाला गया. यह मार्च सिसई थाना स्थित सरना स्थल से शुरू होकर थाना रोड, मेन रोड और ब्लॉक मुख्यालय होते हुए जीता पतरा पहुंच जनसभा में तब्दील हो गया. कार्यक्रम में शामिल ॉआदिवासी समाज के लोगों ने अपनी संस्कृति की रक्षा और अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच करने का संकल्प लिया. आदिवासी नेता सोमेश्वर उरांव ने कहा कि समाज में धर्मांतरण को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. उन्होंने सभी से अपनी परंपराओं की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया. रांची जिला संयोजक जगन्नाथ भगत ने आरोप लगाया कि मिशनरियां आदिवासियों को भ्रमित कर उनके धर्म और अस्तित्व को खतरे में डाल रही है. प्रदेश मीडिया प्रभारी सोमा उरांव ने झारखंड सरकार व मिशनरियों पर निशाना साधते हुए कहा कि आरक्षण व आदिवासी अधिकारों की रक्षा के लिए समाज को अब जागना होगा. संदीप उरांव ने कहा कि जनजाति सुरक्षा मंच वर्ष 2006 से बाबा कार्तिक उरांव के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए संघर्षरत है और अब यह आंदोलन अपने अंतिम चरण में है. उन्होंने दिल्ली यात्रा से पूर्व गांवों में धार्मिक अनुष्ठान कर एकता की प्रार्थना करने की अपील की. सभा में चंगाई सभाओं और शिक्षा-स्वास्थ्य के नाम पर गुमराह करने के प्रयासों के खिलाफ नारेबाजी हुई. संचालन सनी उरांव टोप्पो ने किया और धन्यवाद ज्ञापन सुमित कुमार महली ने दिया. मौके पर दिनेश उरांव लकड़ा, बंदी मिंज, विश्व भूषण खड़िया, सच्चिदानंद उरांव, संजय वर्मा आदि उपस्थित थे.
धर्मांतरण के विरुद्ध आदिवासियों ने भरी हुंकार
जनजाति सुरक्षा मंच ने निकाला विशाल पैदल मार्च, की जनसभा
