गुमला. पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति झारखंड की बैठक केंद्रीय अध्यक्ष उदासन नाग की अध्यक्षता में हुई. बैठक में दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के सभी जिलों के साथ लातेहार व पश्चिम सिंहभूम को ओबीसी आरक्षण में शून्य करने पर चर्चा करते आगामी आंदोलन की जानकारी दी गयी. उदासन नाग ने कहा है कि पिछड़ों को बिहार सरकार में 27 प्रतिशत का आरक्षण मिलता था. वह आरक्षण बिल्कुल शून्य है. आगामी नगर परिषद चुनाव में पिछड़ों की जनसंख्या गुमला में 45 से 50 प्रतिशत है. इसके बावजूद गुमला में 22 वार्डों में सिर्फ दो वार्ड को ओबीसी के लिए आरक्षित किया गया है. यह गुमला शहर में रहने वाले पिछड़ों के साथ अन्याय है. इसके साथ ही बगल के सिमडेगा जिले में पिछड़ों की आबादी 40 प्रतिशत है, वहां पिछड़ों के लिए एक भी सीट आरक्षित नहीं है. नगर निकाय चुनाव में झारखंड सरकार की मंशा साफ झलक रही है कि वह पिछड़ों के लिए नहीं बनी है. इससे जनता में आक्रोश है. पेसा कानून लागू कर हमलोगों को सभी तरह के अधिकारों से वंचित कर दिया गया है. इसके विरुद्ध में 20 जनवरी को पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति झारखंड के बैनर तले दिन के तीन बजे से कचहरी परिसर स्थित हड़ताली वृक्ष से मशाल जुलूस का कार्यक्रम रखा गया है, जो कचहरी परिसर से होते हुए पटेल चौक से होकर टावर चौक में जाकर समाप्त होगी. इसके बाद 21 जनवरी को समाहरणालय स्थित उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना कार्यक्रम है. धरना के माध्यम से पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति झारखंड राज्यपाल के नाम गुमला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपेंगे. पिछड़ा वर्ग समुदाय के सभी लोगों से अपील है कि इस मशाल जुलूस कार्यक्रम व धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में आकर कार्यक्रम को सफल बनायें. बैठक में केंद्रीय महासचिव दिलीप नाथ साहू, कोषाध्यक्ष शिव दयाल गोप, रमेश कुमार चीनी, अशोक यादव, दुर्गा साहू, आनंद कुमार गुप्ता, हरि कुमार सिंह, भुनेश्वर साहू, कर्पूरी ठाकुर, दिलीप जायसवाल, श्याम साहू, सहजाद अनवर, अंजना साहू, कैलाश नाग, दयानंद यादव आदि उपस्थित थे.
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