प्रतिनिधि, चैनपुर चैनपुर प्रखंड मुख्यालय में जगह-जगह पर सोलर स्ट्रीट लाइट लगायी गयी है. योजना का उद्देश्य ऊर्जा बचत के साथ बेहतर रोशनी व्यवस्था सुनिश्चित करना था. लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट नजर आ रही है. कई प्रमुख स्थलों पर लगी सोलर लाइटें या तो वर्षों से बंद पड़ी हैं या कुछ समय बाद ही खराब हो गयी. इससे योजना के रखरखाव और निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं. चैनपुर बस स्टैंड में लगी स्ट्रीट लाइट लंबे समय से खराब है. बस स्टैंड जैसे व्यस्तम स्थल पर अंधेरा रहने से यात्रियों खासकर महिलाओं व बुजुर्गों को असुरक्षा की भावना का सामना करना पड़ रहा है. इसी तरह अलबर्ट एक्का चौक, चैनपुर प्रखंड कार्यालय परिसर व चैनपुर थाना परिसर में लगी सोलर लाइटें भी खराब पड़ी हैं. ये सभी स्थान प्रशासनिक और सार्वजनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाते हैं. ऐसे में यहां रोशनी का अभाव व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों की लागत से लगायी गयी सोलर लाइटें यदि समय पर मरम्मत और देखरेख के अभाव में बंद पड़ी रहें, तो यह सरकारी संसाधनों की बरबादी है. लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग नियमित निरीक्षण, मेंटेनेंस प्लान और जवाबदेही तय करे, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो.
चैनपुर में सोलर स्ट्रीट लाइटें ठप, रात में अंधेरे में डूबे रहते हैं चौक-चौराहे
चैनपुर प्रखंड मुख्यालय में जगह-जगह पर सोलर स्ट्रीट लाइट लगायी गयी है.
