घाघरा. चिल्ड्रेन एकेडमी स्कूल रन्हे में शुक्रवार को राजकीय सरहुल पर्व पूर्व संध्या मनाया गया. कार्यक्रम में स्कूली बच्चे पारंपरिक वेशभूषा व नृत्य वाद्य यंत्र के साथ दिखे. प्राचार्या मीना देवी ने कहा कि सरहुल पर्व प्रकृति, जल, जंगल व जमीन के प्रति आदर व कृतज्ञता का प्रतीक है. यह पर्व हमें सिखाता है कि हम पेड़-पौधों और पर्यावरण की रक्षा करें. विधायक प्रतिनिधि संजीव उरांव ने कहा कि सरहुल झारखंड की आत्मा है. यह त्योहार नयी फसल, हरियाली और खुशहाली का प्रतीक है. कहा कि अपनी भाषा, संस्कृति व परंपराओं को आगे बढ़ायें. मौके पर मुखिया गीता उरांव, लाल उरांव, मिथिलेश महापात्र, भवानी प्रसाद राय, चंद्रदेव उरांव, मीना देवी, विजय साहू, प्रेम कुमार, अजीत लकड़ा, राहुल नाग, माइकल उरांव, विभा लकड़ा, रीना मिंज, शोषन सुरीन, आरती कुजूर, निशि तिग्गा, दिव्यानी कुमारी, मुकेश उरांव, कृष्णा बड़ाइक मौजूद थे.
प्रकृति, जल, जंगल के प्रति आदर का प्रतीक है सरहुल : मीना
प्रकृति, जल, जंगल के प्रति आदर का प्रतीक है सरहुल : मीना
