सिसई. सिसई-छरदा रोड क्षेत्र में एक समुदाय के धार्मिक प्रचार को लेकर शुक्रवार को विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गयी. दूसरे समुदाय के घरों में जाकर पर्चा बांट रही पांच महिलाओं का स्थानीय लोगों ने विरोध किया, जिसके बाद मामला बढ़ गया. जानकारी के अनुसार, महिलाएं घर-घर जाकर अपने धर्म से जुड़े संदेश वाले पर्चे बांट रही थीं और लोगों को चंगाई सभा में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रही थीं. इस दौरान वे बीमारियों से मुक्ति और जीवन उद्धार से जुड़े दावे भी कर रही थीं. कई परिवारों ने इस पर कड़ा विरोध जताते हुए अपने समुदाय में इस तरह के प्रचार पर आपत्ति दर्ज की. विरोध के बावजूद महिलाओं ने लोगों से सभा में शामिल होने की अपील की और पर्चे छोड़ कर आगे बढ़ गयीं. इसके बाद स्थानीय लोग व हिंदू संगठनों के सदस्य बड़ी संख्या में एकत्र हो गये और महिलाओं को पर्चा बांटने से रोक दिया. मामले की सूचना पुलिस को दी गयी. पुलिस मौके पर पहुंची और सभी महिलाओं को थाने ले गयी, जहां उन्हें समझाकर छोड़ दिया गया. महिलाओं ने बताया कि वे गुमला क्षेत्र की निवासी हैं और चंगाई सभा से प्रभावित होकर स्वेच्छा से अपना धर्म बदल चुकी हैं. उनका कहना है कि वे अपनी इच्छा से धार्मिक प्रचार कर रही थीं. इधर, हिंदू संगठनों ने इस घटना को धर्म परिवर्तन से जोड़ते हुए चिंता जतायी. हिंदू जागरण मंच के प्रदेश परावर्तन प्रमुख संजय वर्मा ने आरोप लगाया कि इस तरह की सभाएं धर्मांतरण का माध्यम बनती जा रही हैं और लोगों को प्रभावित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरहुल, रामनवमी और ईद जैसे प्रमुख त्योहारों की तैयारियों के बीच इस तरह का प्रचार सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकता है. थानेदार नीरज कुमार ने बताया कि महिलाओं को बिना अनुमति धार्मिक प्रचार नहीं करने की हिदायत देकर छोड़ दिया गया है. उन्होंने सभी पक्षों से शांति बनाये रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है.
सिसई-छरदा रोड पर धार्मिक प्रचार का विरोध, संगठनों ने जतायी आपत्ति
दूसरे समुदाय के घरों में जाकर पर्चा बांट रही पांच महिलाओं को विरोध का करना पड़ा सामना
