गुमला. शुक्रवार को गुमला में रसोई गैस की किल्लत को लेकर लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा. गैस नहीं मिलने से नाराज उपभोक्ताओं ने गुमला-लोहरदगा मार्ग पर नेशनल हाइवे को करीब एक घंटे तक जाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतार लग गयी और आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे पिछले पांच दिनों से गैस सिलिंडर के लिए लाइन में खड़े हैं, लेकिन अब तक उन्हें गैस नहीं मिल सकी है. आरोप है कि गैस से भरी गाड़ियां शहर पहुंचते ही सीधे गोदाम भेज दी जाती हैं, जिससे आम लोगों को सिलिंडर नहीं मिल पाता. सड़क जाम का असर समाहरणालय जाने वाले मार्ग पर भी पड़ा, जिससे अधिकारियों को कार्यालय आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा. सूचना मिलते एसडीपीओ सुरेश यादव और सीओ हरीश कुमार मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर जाम हटवाया. गैस की कमी और वितरण में अनियमितता को लेकर महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं में आक्रोश देखा गया. लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और आपूर्ति व्यवस्था में तुरंत सुधार की मांग की. इस बीच, नेल्सन भगत ने भी गैस संकट पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाये. उन्होंने कहा कि सरहुल, ईद और रामनवमी जैसे पर्वों के मद्देनजर आमलोगों को तत्काल राहत दी जानी चाहिए. हालांकि जाम तो हट गया, लेकिन लोगों को गैस नहीं मिल सकी. प्रशासन की ओर से गुमला में गैस की कोई किल्लत नहीं होने के दावे भी इस घटना के बाद सवालों के घेरे में आ गये हैं.
गैस संकट पर फूटा लोगों का गुस्सा, नेशनल हाइवे एक घंटे जाम
पांच दिनों से लाइन में खड़े उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा सिलिंडर, आपूर्ति व्यवस्था पर उठे सवाल
