गुमला. गुमला नगरपालिका (आम) निर्वाचन 2026 की मतगणना के मद्देनजर संपूर्ण गुमला नगर परिषद क्षेत्र में 26 फरवरी की मध्यरात्रि 12 बजे से 27 फरवरी की मध्यरात्रि 12 बजे तक निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है. यह आदेश अनुमंडल दंडाधिकारी गुमला राजीव नीरज द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 (पूर्व में दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा-144) के तहत जारी किया गया है. प्रशासन के अनुसार यह कदम मतगणना प्रक्रिया के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं विधिसम्मत संचालन तथा लोक शांति बनाये रखने के उद्देश्य से उठाया गया है. राज्य निर्वाचन आयोग, झारखंड के निर्देशानुसार 27 फरवरी तक पूरे नगर परिषद क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता भी प्रभावी रहेगी. आदेशानुसार उक्त अवधि में किसी प्रकार के घातक हथियार, आग्नेयास्त्र या विस्फोटक पदार्थ लाने-ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. यह प्रतिबंध शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों पर भी लागू होगा. हालांकि सरकारी पदाधिकारियों, ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल तथा परंपरागत रूप से धारित खुखरी व कृपाण को इस आदेश से छूट दी गयी है. सोशल मीडिया या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के जरिए फेक न्यूज, भ्रामक संदेश, फोटो या अफवाह फैलाने पर भी सख्त रोक रहेगी. किसी उम्मीदवार द्वारा धर्म, संप्रदाय या जाति विशेष की भावनाएं आहत करने अथवा विद्वेष फैलाने वाले वक्तव्य देने पर प्रतिबंध रहेगा. प्रत्याशियों के व्यक्तिगत आचरण या उम्मीदवारी से संबंधित मिथ्या अथवा अप्रमाणित समाचारों के प्रकाशन पर भी रोक लगायी गयी है. जिला प्रशासन ने आम नागरिकों, राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों से निर्वाचन प्रक्रिया की गरिमा बनाये रखने तथा शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाये रखने में सहयोग करने की अपील की है.
केओ कॉलेज गुमला में त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
27 फरवरी को केओ कॉलेज गुमला में आयोजित मतगणना के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा लागू रहेगा. किसी भी मतगणना कर्मी, अभ्यर्थी, निर्वाचन अभिकर्ता या गणन अभिकर्ता को वैध फोटो पहचान पत्र के बिना प्रथम सुरक्षा घेरा पार करने की अनुमति नहीं होगी. द्वितीय सुरक्षा घेरा पर सभी की अनिवार्य तलाशी ली जायेगी. महिला कर्मियों की तलाशी केवल महिला पुलिस बल द्वारा ही की जायेगी.
मतगणना परिसर में इन वस्तुओं पर पूर्ण प्रतिबंध
मतगणना परिसर में माचिस, हथियार, ज्वलनशील पदार्थ, मोबाइल फोन, लैपटॉप, आई-पैड सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स एवं रिकॉर्डिंग उपकरण ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा. केवल अधिकृत अधिकारी एवं कर्मी ही निर्धारित कक्षों में संचार उपकरणों का उपयोग कर सकेंगे.
