भरनो. भरनो प्रखंड के कुम्हरो गांव में सोमवार की रात एक मां ने साहस दिखाते हुए हाथी से अपनी दो बेटियों की जान बचायी. रात में अचानक एक हाथी गांव में घुस नहर के समीप स्थित शंकर उरांव के घर पर हाथी ने धावा बोल दिया. हाथी ने शंकर के घर की दीवार को ढहा दिया. उस समय में शंकर की पत्नी मंगरीता देवी, बेटी अनुष्का कुमारी (7) व एक ढाई साल की बेटी उसी कमरे में सोये थे. हाथी द्वारा दीवार तोड़े जाने से शंकर की दोनों बेटियां दीवार के मलबे में दब गयी और रोने लगी. दीवार गिरने से अनुष्का को काफी चोट लगी थी. अचानक से दीवार गिरने से मंगरीता भी घबरा गयी. दीवार गिरने के बाद हाथी टूटी दीवार के सामने खड़ा था. मंगरीता ने साहस दिखाते हुए दीवार के मलबे को अपनी बेटियों के ऊपर हटायी और दोनों को लेकर दूसरे कमरे में चली गयी. इस दौरान हाथी लगभग एक घंटे तक वहीं जमा रहा, फिर घर के अंदर जाकर घर में रखे लगभग 10 क्विंटल धान को खा गया. मंगरीता ने दूसरे कमरे से अपने परिजनों को घटना की सूचना दी. सूचना मिलते वे लोग गांव के लोगों के साथ मशाल जला कर मंगरीता के घर पहुंचे, तब तक हाथी वहां से निकल गया और सुकुरहुटु गांव पहुंचा. वहां हाथी ने झिरिया उरांव के तीन तरफ की दीवारों को तोड़ कर घर को क्षतिग्रस्त कर दिया. ग्रामीणों ने हाथी को गांव से खदेड़ा, तो हाथी सुपा पंचायत के चिरैयाटोंगरी पहुंच गया. खबर लिखे जाने तक हाथी चिरैयाटोंगरी में एक आम बगीचा में अपना डेरा जमाये हुए था. गांव में हाथी के आने से क्षेत्र के लोगों में दहशत है. पीड़ित परिवारों ने वन विभाग से मुआवजा की मांग की है.
वनपाल ने बच्ची के इलाज के लिए दिये 10 हजार रुपये
कुम्हरो नहर के समीप हाथी द्वारा एक घर को ढहाये जाने व एक बच्ची के घायल होने की सूचना पर वनपाल शेखर सिंह मंगलवार को कुम्हरो गांव पहुंच पीड़ित परिवार से मुलाकात की और बच्ची अनुष्का कुमारी के इलाज के लिए उसकी मां मंगरीता देवी को 10 हजार मुआवजा राशि प्रदान की. वनपाल ने बताया कि शेष मुआवजा राशि कागजी प्रक्रिया के बाद दी जायेगी. वनपाल ने ग्रामीणों के बीच टॉर्च लाइट का वितरण किया. वनपाल ने कहा कि विभाग हाथी को भगाने के लिए प्रयास कर रहा है.
