गुमला. संप्रेषण गृह गुमला में कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चों के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत कर जीवन की मुख्यधारा में वापसी के प्रयास के लिए तीन दिवसीय योग प्रशिक्षण का शुभारंभ पतंजलि योग समिति गुमला के सहयोग से किया गया. योग प्रशिक्षण का शुभारंभ करते हुए किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य त्रिभुवन शर्मा ने कहा कि मानसिक, आध्यात्मिक व शारीरिक स्वास्थ्य जीवन को नयी दिशा देगा. कहा कि योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनायें. योग करेंगे, तो मन को शांति मिलेगी और शांति से विचार करेंगे, तो अपराध, नशा व बुरी संगत से बच्चे बाहर निकल पायेंगे. भारत स्वाभिमान ट्रस्ट पतंजलि योग समिति के जिला प्रभारी सह योग प्रशिक्षक रूपेश सोनी ने कहा कि नित्य योग करने वाला हमेशा निरोग रहता है. कभी दवा की जरूरत नहीं होगी. जिला विधिक सह परिवीक्षा पदाधिकारी रवि प्रकाश साहू ने कहा कि बाल गृह के सभी बच्चे योग सीखें. जीवन में योग को अपना कर बेहतर इंसान बन सकते हैं. मौके पर प्रशिक्षक ने आसन, ध्यान मुद्रा, कपालभाति, भ्रामरी, उज्जयी, अनुलोम विलोम का अभ्यास बच्चों को कराया गया. प्रशिक्षण का नेतृत्व गृहपति दीपक गुप्ता द्वारा किया गया. मौके पर अधीक्षक अविनाश कुमार गिरी समेत सभी सुरक्षाकर्मी भी उपस्थित थे. प्रशिक्षण में संप्रेक्षण गृह के 48 बालक शामिल हुए.
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