गुमला. गुमला जिले के कुरूमगढ़ वन क्षेत्र में इन दिनों एक तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों में भय का माहौल है. रविवार को तेंदुए को ग्राम पंचायत मालम के कतारीकोना गांव में देखे जाने की सूचना मिली. बताया गया कि तेंदुए ने लालसाय असुर की गाय को अपना शिकार बनाया और फिर जंगल की ओर लौट गया. इससे पहले भी तेंदुआ कोल्हूकोना गांव के कधतीरा असुर की बकरियों तथा कच्चापाठ के नारायण असुर की गाय का शिकार कर चुका है. ग्रामीणों के अनुसार तेंदुआ अब तक कई पशुपालकों के मवेशियों को निशाना बना चुका है, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है. वन विभाग के अनुसार तेंदुआ पिछले लगभग छह माह से कुरूमगढ़ वन क्षेत्र में डेरा जमाये हुए है. शुरुआत में लोगों को इसकी जानकारी नहीं थी, लेकिन लगातार गाय व बकरियों के शिकार होने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी. जांच के दौरान वन कर्मियों ने पंजों के निशान के आधार पर तेंदुए की पुष्टि की है. ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक तेंदुआ केवल पालतू पशुओं को ही निशाना बना रहा है, लेकिन यदि समय रहते उसे क्षेत्र से नहीं हटाया गया तो इंसानों पर भी खतरा बढ़ सकता है. तेंदुए की गतिविधियों से कतारीकोना, कोल्हूकोना, कच्चापाठ समेत आसपास के गांवों में भय का माहौल है. प्रभावित पशुपालकों ने वन विभाग से मुआवजे की मांग की है, वहीं ग्रामीणों ने तेंदुए को क्षेत्र से बाहर निकालने के लिए ठोस कार्रवाई करने की अपील की है. ग्रामीण ज्योति लकड़ा ने बताया कि कतारीकोना और कोल्हूकोना आदिम जनजाति बहुल गांव हैं, जो घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच बसे हुए हैं. इस कारण बाघ व तेंदुए जैसे जंगली जानवर अक्सर इस क्षेत्र में पहुंच जाते हैं. उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों से कतारीकोना पहाड़ पर एक तेंदुआ रह रहा है. आशंका जतायी जा रही है कि उसने पहाड़ की एक गुफा में शावकों को जन्म दिया है, जिससे वह बार-बार भोजन की तलाश में गांवों की ओर आ रहा है.
कुरूमगढ़ वन क्षेत्र में तेंदुए का आतंक, कई मवेशियों को बनाया शिकार
कतारीकोना, कोल्हूकोना और कच्चापाठ समेत आसपास के गांवों में दहशत
