गुमला. गुमला. झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) द्वारा आयोजित वार्षिक माध्यमिक व इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में गुमला जिले के विद्यार्थियों के राज्यस्तरीय उत्कृष्ट प्रदर्शन के उपलक्ष्य में सोमवार को नगर भवन गुमला में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. इस वर्ष गुमला जिले ने जैक बोर्ड परीक्षाओं में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए माध्यमिक परीक्षा में पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया. वहीं इंटरमीडिएट कला संकाय में प्रथम, विज्ञान संकाय में द्वितीय तथा वाणिज्य संकाय में तृतीय स्थान हासिल कर जिले ने पूरे राज्य में अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का परचम लहराया. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उपायुक्त दिलेश्वर महतो समेत जिले के वरीय प्रशासनिक पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. समारोह में माध्यमिक परीक्षा के राज्य स्तरीय सेकेंड टॉपर विद्यार्थियों, जिला स्तर पर टॉप-10 में स्थान बनाने वाले छात्रों तथा 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले कुल 310 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया. वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा में जिला स्तर पर टॉप-10 में शामिल कुल 40 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिनमें कला संकाय के 16, वाणिज्य संकाय के 11 तथा विज्ञान संकाय के 13 विद्यार्थी शामिल रहे. इसके अलावा मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों के मैट्रिक परीक्षा में टॉप-3 स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों की मेधावी छात्राओं तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय के विशेष प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया. साथ ही 100 से अधिक विद्यालय प्रधानों, बोर्ड परीक्षा विजय अभियान में योगदान देने वाले लगभग 70 शिक्षकों, जिला एवं प्रखंड स्तरीय मॉनिटरिंग टीम, शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों तथा विभिन्न स्तरों पर कार्यरत कर्मियों को भी सम्मान देकर उनके योगदान की सराहना की गयी. मौके पर उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने कहा कि गुमला जैसे अति दुर्गम क्षेत्र के विद्यार्थियों द्वारा राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करना अत्यंत गर्व की बात है. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि वर्षों के सतत प्रयास, सुनियोजित रणनीति और टीम वर्क का परिणाम है. इस सफलता में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और प्रशासन सभी की समान भूमिका रही है. उन्होंने कहा कि अब सबसे बड़ी चुनौती इस उपलब्धि को लगातार बरकरार रखना है. उपायुक्त ने विद्यार्थियों को समर्पण, दृढ़ संकल्प और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए कहा कि यही गुण जीवन में सफलता सुनिश्चित करते हैं. अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक ने कहा कि इस आयोजन के वास्तविक नायक छात्र-छात्राएं हैं, जिनकी मेहनत से पूरा जिला गौरवान्वित हुआ है. उन्होंने विद्यार्थियों को समय का महत्व समझते हुए निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया. सिविल सर्जन डॉ शंभूनाथ चौधरी ने कहा कि शिक्षकों के मार्गदर्शन के बिना कोई भी सफलता संभव नहीं है और अनुशासन व निरंतर परिश्रम ही सफलता की असली पहचान है. डीसीएलआर राजीव कुमार ने कहा कि पिछले वर्ष के अनुभवों से सीख लेकर बेहतर रणनीति तैयार की गयी थी, जिसका सकारात्मक परिणाम इस वर्ष देखने को मिला. एसडीओ सदर राजीव नीरज ने विद्यार्थियों को भविष्य के लिए लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयासरत रहने की सलाह दी. एसडीओ चैनपुर पूर्णिमा कुमारी ने कहा कि यह उपलब्धि सामूहिक मेहनत और सटीक रणनीति का परिणाम है तथा आगे भी इसी प्रकार प्रयास जारी रखे जायेंगे.
अति दुर्गम क्षेत्र के विद्यार्थियों का राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करना गर्व की बात : डीसी
नगर भवन में सम्मान समारोह का आयोजन
