हंसी, खुशी और शाहनाई की गूंज मातम में बदली

कुरकुरा सड़क हादसा

कुरकुरा सड़क हादसा

प्रतिनिधि, कामडारा

रात भर चली शहनाइयों की गूंज, हंसी-ठिठौली और खुशियों से भरी बारात, लेकिन सुबह होते-होते वही सफर चीखों और मातम में बदल गया. रविवार की सुबह करीब पांच बजे, जब लोग शादी से लौट रहे थे. तब किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह रास्ता कुछ के लिए आखिरी साबित होगा. कुरकुरा थाना के बेतेरकेरा मोड़ के पास बारातियों से भरी फोर्स वाहन अचानक अनियंत्रित होकर पलट गयी. वाहन के भीतर बैठे लोग किसी तरह बच गये. लेकिन छत की रेलिंग पर नींद में डूबे तीन युवक इस हादसे का सबसे बड़ा शिकार बन गये. पलभर में गाड़ी पलटी और तीनों सड़क पर जा गिरे. चारों ओर अफरा-तफरी, चीख-पुकार और खून से सना मंजर देखने को मिला. स्थानीय लोगों ने दौड़कर घायलों को उठाया और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कामडारा पहुंचाया. लेकिन वहां पहुंचते ही साहिल भेंगरा और चंद्र महतो को मृत घोषित कर दिया गया. शादी की जिस खुशी के साथ वे घर से निकल कर जिस रास्ते से गये थे. उसी रास्ते ने उन्हें कभी न लौटने वाली दूरी में धकेल दिया. इसमें मृतकों में चंद्र महतो अपनी पत्नी को खो चुके हैं. चंद्र महतो अपने बच्चों का एकमात्र सहारा थे. उनके जाने के साथ ही पांच बेटियों और एक बेटे के सिर से माता-पिता दोनों का साया उठ गया. सुलेखा, संगीता, काजल, सरस्वती, सुगिया और मुन्ना इन नामों के पीछे अब सिर्फ एक सवाल है अब सहारा कौन बनेगा. कुछ बच्चों की शादी हो चुकी है.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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