.टोटो चौक में यात्री शेड, प्याऊ, शौचालय, नेशनल हाइवे सड़क का अभाव

.टोटो चौक में यात्री शेड, प्याऊ, शौचालय, नेशनल हाइवे सड़क का अभाव

जगरनाथ पासवान, गुमला गुमला से 10 किमी की दूरी पर टोटो है. यह प्रस्तावित प्रखंड है. चूंकि, टोटो को प्रखंड बनाने का प्रस्ताव आठ पंचायत के लोगों ने वर्षो पहले सरकार को भेजा है. टोटो प्रखंड बने. इसके लिए पूर्व के कई विधायक व सांसदों ने घोषणा भी किया है. परंतु, अबतक टोटो को प्रखंड बनाने का मामला लटका हुआ है. परंतु, दुर्भाग्य इस बात की है. टोटो घनी आबादी व आठ पंचायतों का मुख्य टाउन है. परंतु, टोटो के मुख्य चौक पर सुविधाओं का अभाव है. जबकि, हर दिन टोटो बस स्टैंड से सैकड़ों लोग बसों व व टेंपो से आवागमन करने के लिए यहां आते हैं. परंतु, यहां यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है. टोटो चौक में यात्री शेड नहीं है. प्याऊ की कोई व्यवस्था नहीं है. सार्वजनिक शौचालय का भी निर्माण नहीं किया गया है. सबसे बड़ी बात कि टोटो मुख्य चौक की सड़क टूट गयी है. जगह जगह एक से दो फीट तक गडढा है. जबकि यह नेशनल हाइवे है. नेतरहाट, आंजनधाम, देवाकीधाम व लोहरदगा जिला जाने की यह मुख्य सड़क है. इसके बाद भी प्रशासन सड़क को बनाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रहा है. क्षेत्र के लोगों ने भी कई बार सड़क को बनाने की मांग की है. आंजनधाम जाने की मुख्य सड़क है टोटो के समाज सेवी प्रमोद कुमार गुप्ता ने कहा है कि भगवान हनुमान की जन्मस्थली आंजनधाम अगर आपको जाना है, तो टोटो से ही होकर जा सकते हैं. आंजनधाम जाने का यह मुख्य सड़क है. इसके बावजूद टोटो में किसी प्रकार की सुविधा नहीं है. यहां तक कि टोटो से आंजन जाने वाली सड़क पर बारिश होते ही यहां तालाब बन जाता है. नाली का निर्माण नहीं होने से यहां परेशानी हो रही है. टोटो चौक में एक यात्री शेड जरूरी है. चूंकि, बरसात व गर्मी में यहां लोगों को परेशानी होती है. आंजन, खरका, कोटाम, पनसो, बसुवा, फोरी, कतरी व टोटो पंचायत के लिए टोटो चौक मुख्यालय है. इसके बाद भी टोटो चौक में किसी प्रकार की सुविधा नहीं है. प्रशासन से मांग है. यहां सुविधा बहाल किया जाये. क्योंकि, यात्रियों को परेशानी हो रही है. बुद्धदेव उरांव, पूर्व मुखिया टोटो घनी आबादी वाला क्षेत्र है. देखा, जाये तो यह गुमला के बाद सबसे महत्वपूर्ण चौक माना जाता है. इसके बाद भी टोटो चौक में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है. जिस कारण लोगों को होटलों पर निर्भर रहना पड़ता है. पानी की समस्या गर्मी में ज्यादा होती है. इम्तियाज खान, ग्रामीण टोटो चौक में सार्वजनिक शौचालय व यूरिनल नहीं रहने के कारण स्कूल व कॉलेज की लड़कियों के अलावा महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी होती है. क्योंकि, स्कूल व कॉलेज जाने के लिए चौक से ही टेंपो या बस बैठते हैं. मजबूरी में लोगों को किसी सुनसान जगह पर बैठना पड़ता है. चंदन दुबे, ग्रामीण टोटो चौक की मुख्य सड़क टूटी हुई है. इस कारण आये दिन यहां हादसे हो रहे हैं. बाइक सवार युवकों की जान भी जा रही है. प्रशासन से मांग है कि सड़क की मरम्मत करायी जाये. साथ ही टोटो चौक में जो भी समस्या है. उन समस्याओं का निदान

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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