जेएलकेएम की प्रखंड कमेटी के पुनर्गठन को लेकर बैठक, संगठन विस्तार पर चर्चा

झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) की प्रखंड कमेटी के पुनर्गठन के लिए आयोजित बैठक में संगठन विस्तार और आगामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई. अनूप फ्रांसिस कुजूर ने जल, जंगल, जमीन की रक्षा और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया.

जारी. प्रखंड के सांस्कृतिक कला भवन में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) की प्रखंड कमेटी के पुनर्गठन को लेकर बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अनूप फ्रांसिस कुजूर ने की. इसमें संगठन के विस्तार और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गयी.

अनूप फ्रांसिस कुजूर ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जेएलकेएम केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि झारखंड के आदिवासी-मूलवासी, दलित, पिछड़े और गरीब लोगों की आवाज है. उन्होंने कहा कि संगठन का संघर्ष जल, जंगल, जमीन और झारखंडी अस्मिता की रक्षा के लिए है.

उन्होंने कहा कि आज झारखंड सरकार नौकरी बेचने का काम कर रही है. ऐसे में गरीब शिक्षित लोगों के पास नौकरी के लिए 10-20 लाख रुपये कहां से आयेंगे. उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने और झारखंड में हो रहे भ्रष्टाचार को खत्म करने में सहयोग करने की अपील की.

उन्होंने कहा कि संगठन को पंचायत स्तर से लेकर बूथ स्तर तक मजबूत करने की जरूरत है. हर गांव और टोला में कार्यकर्ता होने चाहिए. आने वाले समय में प्रखंड की सभी पंचायतों में कमेटी का गठन किया जायेगा और जनसमस्याओं को लेकर आंदोलन तेज किया जायेगा.

बैठक में मुख्य रूप से वरीय उपाध्यक्ष बिरजू उरांव, नोर्बर्ट कुजूर, महेंद्र कुमार मुंडा, शंकर भगत, रमेश्वर भगत, सुधीर तिर्की, सुभाष एक्का, सुनील लकड़ा, साहिल तिर्की, वीरेंद्र तिर्की, पवन कुमार सिंह, भूषण लकड़ा, अमोल टोप्पो, बाबूलाल बड़ाइक, रंजीत सिंह, अश्विन खलखो, मनोज कच्छप, मनोहर बेक, प्रकाश उरांव, जयवीर टोप्पो, अशोक टोप्पो आदि उपस्थित थे.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >