गुमला. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मात्स्यिकी विज्ञान महाविद्यालय गुमला में सजावटी मछली पालन व प्रबंधन विषय पर महिलाओं के बीच तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो लखनऊ के सहयोग से एसी एसपी परियोजना के अंतर्गत आयोजित प्रशिक्षण में लातेहार जिले के मत्स्य कृषकों ने भाग लिया. कार्यक्रम का उदघाटन मुख्य अतिथि लखनऊ के प्रधान वैज्ञानिक डॉ अजय कुमार पाठक व विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ वैज्ञानिक सह नोडल अधिकारी (एससी-एसपी) डॉक्टर पूनम जयंत सिंह, सहायक मत्स्य निदेशक झारखंड दिव्या गुलाब बा, डीएफओ गुमला कुसुमलता, डीएफओ सिमडेगा सीमा टोप्पो, डीएफओ लातेहार स्वर्णलता मधु लकड़ा व महाविद्यालय के एसोसिएट डीन डॉक्टर एके सिंह ने संयुक्त रूप से दीप जला कर किया. डॉ अजय कुमार पाठक ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल मत्स्य कृषकों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं दी. साथ ही मत्स्य पालन के क्षेत्र में आजीविका के अवसर पर जानकारी दी. कहा कि झारखंड राज्य में मत्स्य पालन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं. कहा कि भौगोलिक दृष्टिकोण से राज्य मत्स्य पालन के लिए बहुत ही उपयुक्त है. यहां के लोग इसके आजीविका के रूप में अपना कर अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकते हैं. महाविद्यालय के एसोसिएट डीन डॉक्टर एके सिंह ने झारखंड में सजावटी मछली पालन की अपार संभावनाओं तथा इससे आजीविका सृजन के अवसरों पर प्रकाश डाला. उन्होंने अधिक से अधिक महिला मत्स्य कृषकों को इससे जुड़ने और अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत व मछली की कमी को पूरा करने के लिए प्रेरित किया. इससे पूर्व महाविद्यालय में स्थापित अत्याधुनिक चारा परीक्षण प्रयोगशाला का उदघाटन किया. मौके पर महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी. धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्राध्यापक डॉक्टर प्रशांत जना ने किया. कार्यक्रम में सहायक प्राध्यापिका डॉक्टर कस्तूरी चट्टोपाध्याय, डॉक्टर ओम प्रवेश कुमार रवि, डॉक्टर श्वेता कुमारी, डॉक्टर केएस विजडम, डॉक्टर तशोक लेया, डॉक्टर स्टैनजिन गावा, डॉक्टर मनमोहन कुमार, डॉक्टर आनंद वैष्णव, डॉक्टर मोहम्मद अशरफ मलिक, गैर शैक्षणिक कर्मचारी संजय नाथ पाठक आदि शामिल थे.
मछली पालन के लिए झारखंड भौगोलिक दृष्टिकोण से उपयुक्त : डॉ अजय
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सजावटी मछली पालन व प्रबंधन विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम
