गुमला से दुर्जय पासवान
Gumla News: झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्य के सीमावर्ती गुमला शहर से 60 किमी दूर रायडीह प्रखंड के कोंडरा गांव में विराट हिंदू सम्मेलन हुआ. इसमें 20 गांवों के हजारों लोग ने भाग लिया. तेज धूप के बावजूद लोग सम्मेलन में डटे रहे. पूरा कोंडरा जयश्री राम, भारत माता की जय से गूंज उठा. पहली बार कोंडरा में विराट हिंदू सम्मेलन होने के कारण इसमें सरना और सनातन लोगों की भीड़ देखी गई. गांव-गांव से महिला, पुरुष, युवक व युवती सम्मेलन में पहुंचे थे. अतिथियों के पहुंचने पर भव्य रूप से स्वागत किया गया. कार्यक्रम के मुख्य वक्ता बिहार, झारखंड, बंगाल और ओड़िशा राज्य के हिंदू जागरण मंच के क्षेत्र संगठन मंत्री डॉ सुमन ने कहा है कि भारत में धर्मांतरण का खेल चल रहा है. परंतु, अब इसे रोकने की मुहिम एक अभियान का रूप ले लिया है. हमें किसी से बैर नहीं है. देश द्रोहियों की खैर नहीं है. भारत में अगर रहना होगा तो भारत को नमन करना होगा. सभी से अपील है एक सच्चे सनातनी बने और देश की रक्षा करें. देश की रक्षा के लिए युवा आगे आए. अगर गाय तस्करी को रोकनी है तो सभी समाज के लोगों को आगे आना होगा. जनजातियों को भी आगे आना होगा. गाय को कोई जानवर को दर्जा नहीं दिया गया है. बल्कि गाय को हमने मां का दर्जा दिया है. हिंदू संगठन में कोई बिखराव नहीं है. हमें संघ, देश व राष्ट्रहित के लिए काम करना है. सरना और सनातन एक है. ये दोनों जब एक मंच पर आता है तो हमारे समाज को मजबूत करता है. मिशन के लोगों का टारगेट आदिवासी समाज है. धर्मांतरण को रोकना होगा. पुराने समय में लोग दूसरे धर्म अपना लिए थे. लेकिन अब काफी संख्या में लोग अपने मूल धर्म में वापस आए हैं. उन्होंने कहा है कि नसमझी के कारण कुछ लोग जरूर दूसरे धर्म में चले गए थे, लेकिन अब वे अपने मूल धर्म पर आ रहे हैं. मैं भी 1985 को रॉबर्ट सोलोमन के नाम से जाना जाता था. परंतु, जब मैंने हिंदू को जाना तो मैं अब सनातनी के लिए काम कर रहा हूं. मंच संचालन जिला कार्यवाह लक्ष्मीनारायण सिंह व अशोक सिंह ने किया. मौके पर विभाग संचालक साहू प्रकाश लाल, विहिप के विभाग मंत्री केशवचंद्र साय, विभाग पर्यावरण संयोजक संतोष झा, रामरेखा धाम के उपाध्यक्ष जगदीश सिंह, वनवासी कल्याण आश्रम के विभाग संयोजक खेदू नायक, रामरेखा धाम के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष बहादुर सिंह, देवनंदन सिंहह, संदीप सिंह, राजकुमार, करण, राधेश्याम प्रसाद, संजय सिंह, मुकेश कुमार, देवेंद्रलाल उरांव सहित कई लोग थे.
कुछ लोग प्रार्थना कराकर अंधविश्वास फैला रहे हैं : श्रीउमाकांत
रामरेखा धाम के श्री उमाकांत प्रपन्नचार्य जी महाराज ने कहा है कि हमारे सरना और सनातन समाज को जागरूक होना होगा. सरना और सनातन को एक मंच पर आना होगा तभी हम मजबूत होंगे और हमारा देश मजबूत होगा. कुछ लोग जरूर अपने को सरना व सनातन नहीं कहता है. ऐसे लोगों से मैं कहना चाहता हूं. आप जागे सरना सनातन बने. उन्होंने कहा है कि भारत देश आज कई समस्याओं से जूझ रहा है. इसका निराकरण करना जरूरी है. आज भी गांवों में कई समस्या है. शिक्षा का स्तर ठीक नहीं है. गांव गांव में अंधविश्वास है. कुछ लोग प्रार्थना कराकर अंधविश्वास फैला रहे हैं. ऐसे भ्रमजाल से लोगों को बाहर निकलना होगा. समाज को हमें एक करना है. धर्म, संस्कृति, सभ्यता कैसे जीवित रहे. मजबूत बने. इसके लिए काम करना है. समाज व देश की उन्नति के लिए हमें काम करना है. युवाओं से अपील है. आप नशापान से दूर रहे और देशहित व समाजहित के लिए काम करें.
सनातन स्वरूप को कोई तोड़ नहीं सकता है : श्री अखंडदास जी महाराज
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री रामरेखा धाम के अध्यक्ष स्वामी श्री अखंडदास जी महाराज ने कहा है कि जो सनातन स्वरूप है. इसे कोई तोड़ नहीं सकता है. एक परिवार में दो-तीन भाई रहते हैं. कुछ विवाद होता है तो कुछ देर के लिए गुस्सा रहते हैं. लेकिन ये लोग एक ही घर में रहते हैं. कुछ दिनों के बाद गुस्सा भी खत्म हो जाता है. इसलिए सरना सनातन में अगर कुछ लोग अलग हैं तो वे सभी एक मंच पर आएंगे. उन्होंने कहा है कि सरना सनातन को देशहित व राष्ट्रहित के लिए एक होना होगा. हिंदू समाज के लोगों को अपनी शक्ति को पहचानना होगा. हम सभी एक बनकर रहें. एक रहेंगे तो कोई हमें तोड़ नहीं सकता है. हिंदू भाईयों से अनुरोध है, अगर आपके आसपास के लोग किसी परेशानी में हैं तो उनकी मदद जरूर करें तभी हम एक हो सकते हैं.
रामरेखा धाम का जल्द विस्तार होगा : राजा दुर्ग विजय
सिमडेगा जिला अंतर्गत बीरू के राजा श्री दुर्ग विजय सिंह देव ने कहा है कि रामरेखा धाम जहां साक्षात भगवान श्रीराम के पांव पड़े. यहां वे चार माह तक रहे थे. आने वाले दिनों में रामरेखा धाम का विस्तार होगा. हरेक मंडल से इसमें एक-एक सदस्य को शामिल किया जाएगा. गुमला जिले से भी कई लोगों को जोड़ा जाना है. उन्होंने कहा है कि वनांचल में रहने वाले आदिवासियों को पुराने समय में धर्मांतरण हुआ है. इसमें बहुत से लोग अपने मूल धर्म में वापस आ गये हैं. लेकिन अभी भी कुछ लोग दूसरे धर्म में हैं. जिन्हें मूल धर्म में वापस लाने का काम किया जा रहा है. उन्होंने लोगों से अपील किया है कि आप अगर धर्म बदले हैं तो अपने मूल धर्म में वापस आ जाए. उन्होंने कहा है कि आपके शरीर में जो डीएनए है. वही डीएनए हमारे शरीर में है. भारत में 80 प्रतिशत हिंदू रहते हैं. इसलिए भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए.
धर्म से बड़ी कोई जाति नहीं है : राजा आदित्य सिंह जूदेव
छत्तीसगढ़ राज्य स्थित जशपुर के राजा श्रीमंत विजय आदित्य सिंह जूदेव ने कहा है कि भारत विश्व गुरु बनने की राह पर है, लेकिन मैं देख रहा हूं कुछ लोग युवाओं को दिग्भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं. ऐसे लोगों से हमें और युवाओं को सावधान रहने की जरूरत है. भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराम ने अपने एक ही जन्म में पूरे समाज और देश के लिए काम किया. इसलिए, जब हमें एक ही जन्म मिला है तो हम भी अपने समाज और देश के लिए काम करें. धर्म से बड़ी कोई जाति नहीं है. इसलिए हिंदू धर्म को बचाए तभी जाति बचेगी. उन्होंने कहा है कि धर्मांतरण, लव जिहाद, अंधविश्वास को देखने के बाद भी अगर अभी भी जिसका खून नहीं खोले तो वह हिंदू नहीं है. हमें जागे. दूसरे को जगाये. धर्मांतरण से दूर रहें. लव जिहाद से दूर रहे. अंधविश्वास से दूर रहे. उन्होंने कहा है कि किसी हिंदू का अगर चुंदी काटा गया तो आप उसका विरोध करते हुए जवाब दें.
हिंदू समाज के लोग अब तीन बच्चे पैदा करें : सच्चिदानंद
प्रांत संचालक सच्चिदानंद ने कहा है कि यह हिंदू सम्मेलन एकजुटता का प्रतीक है. हम सभी हिंदू राष्ट्र के अभिन्न अंग हैं. लोगों से अपील है. हर घर में भजन कीर्तन कार्यक्रम हो. एक समाज के लोग कई बच्चे पैदा कर रहे हैं. हिंदू समाज के लोगों से अपील है. आप कम से कम तीन बच्चे जरूर पैदा करें. ताकि, समाज व देशहित के लिए आपके बच्चे काम कर सके. माता पिता से अपील है. अपने बच्चों को मोबाइल की लत से बाहर निकाले. धर्म के प्रति जागरूक करें. एकल की जगह सामूहिक परिवार में रहे. उन्होंने कहा कि आप लोग जाति और बिरादारी में बंटने से बचे. एक रहेंगे तो मजबूत रहेंगे. हम जहां भी जाए. गर्व से कहें कि हम हिंदू हैं. किसी से डरने की जरूरत नहीं है. मौके पर विहित के विभाग मंत्री केशवचंद्र साय ने नागपुरी भाषा में गीत प्रस्तुत कर सभी का मनमोह लिए. कई गांव के मंडली द्वारा भी कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया.
