गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट
Gumla Fraud Case: गुमला सदर थाना क्षेत्र में दोस्ती के नाम पर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक महिला शिक्षक ने अपनी ही करीबी दोस्त पर 32 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है. इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोगों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है.
साधारण पहचान से हुई थी गहरी दोस्ती
पीड़िता प्रमिला (परिवर्तित नाम) आर्मी स्कूल में शिक्षिका हैं. उन्होंने सदर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. शिकयत में दी गई जानकारी के अनुसार, मूल रूप से गुमला की रहने वाली आरोपी रेखा मिंज वर्तमान में रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र में रहती है. दोनों के बीच पहले सामान्य पहचान थी, जो समय के साथ गहरी दोस्ती में बदल गई. धीरे-धीरे प्रमिला ने रेखा पर पूरा भरोसा करना शुरू कर दिया, लेकिन यही भरोसा उसके लिए भारी पड़ गया.
कोयला कारोबार में निवेश का झांसा
आरोप है कि रेखा मिंज ने प्रमिला को कोयला व्यवसाय में निवेश करने का लालच दिया. उसने कम समय में ज्यादा मुनाफा दिलाने का भरोसा दिलाया और अपने विश्वास का फायदा उठाकर प्रमिला को अपने जाल में फंसा लिया. प्रमिला ने उसकी बातों पर भरोसा करते हुए अलग-अलग किस्तों में बड़ी रकम देना शुरू किया. यह रकम धीरे-धीरे बढ़ते हुए 32 लाख रुपये तक पहुंच गई.
कर्ज और जमीन बेचकर जुटाई रकम
इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़िता ने इतनी बड़ी रकम जुटाने के लिए कर्ज लिया और अपनी जमीन तक बेच दी. उसे उम्मीद थी कि निवेश के बाद उसे अच्छा मुनाफा मिलेगा और वह अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर पाएगी. लेकिन, समय बीतने के बावजूद न तो कोई मुनाफा मिला और न ही मूल राशि वापस की गई. इससे प्रमिला को धीरे-धीरे शक होने लगा कि वह ठगी का शिकार हो चुकी है.
पैसे मांगने पर टालमटोल और संपर्क खत्म
जब प्रमिला ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए, तो आरोपी रेखा मिंज बहाने बनाने लगी. कभी समय की मांग की गई, तो कभी नए कारण बताकर पैसे लौटाने से बचा गया. आखिरकार आरोपी ने संपर्क करना भी बंद कर दिया, जिससे पीड़िता को पूरा यकीन हो गया कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है. इसके बाद उसने पुलिस की शरण लेने का फैसला किया.
पुलिस जांच में जुटी, आरोपी से पूछताछ जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर थाना पुलिस ने आरोपी को पूछताछ के लिए बुलाया है. फिलहाल पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस ठगी के पीछे कोई बड़ा गिरोह तो शामिल नहीं है. यदि ऐसा पाया जाता है, तो मामले का दायरा और भी बढ़ सकता है.
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आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की जरूरत
यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि आर्थिक मामलों में अंधा भरोसा खतरनाक साबित हो सकता है. चाहे संबंध कितना भी करीबी क्यों न हो, बिना जांच-पड़ताल के बड़ी रकम निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है. पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी निवेश से पहले पूरी जानकारी लें और किसी के कहने पर जल्दबाजी में फैसला न करें.
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