प्रतिनिधि, बिशुनपुर
विकास भारती बिशुनपुर द्वारा संचालित विकास चिल्ड्रेन एकेडमी में वार्षिक उत्सव का आयोजन किया गया. शुभारंभ मुख्य अतिथि पद्मश्री अशोक भगत ने किया. अशोक भगत ने कहा है कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए. बल्कि बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को निखारना ही सच्ची शिक्षा है. उन्होंने बच्चों को अपनी मिट्टी और संस्कृति से जुड़े रहने की प्रेरणा दी. आपके भीतर झारखंड की जो समृद्ध संस्कृति और विरासत है. वह आपकी असली पहचान है. दुनिया के किसी भी कोने में चले जायें, अपनी जड़ों को कभी मत भूलियेगा. सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता. अशोक भगत ने कहा की शिक्षा का असली उद्देश्य संस्कारवान बनना है. उन्होंने बच्चों से अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़े रहने का आह्वान किया और मेहनत व अनुशासन को सफलता की कुंजी बताया. कड़ी मेहनत, अनुशासन और बड़ों का सम्मान ही वह सीढ़ी है जो आपको शिखर तक ले जायेगी. आप केवल छात्र नहीं हैं. बल्कि आप इस समाज और देश के निर्माता हैं.खूब पढ़िए, खूब खेलिए और एक ऐसा इंसान बनिये. जिस पर आपके माता-पिता और इस पावन धरती ””””””””बिशुनपुर”””””””” को गर्व हो.
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां समारोह का मुख्य आकर्षण बच्चों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा. नन्हे-मुन्ने बच्चों ने स्वागत गान और नृत्य के माध्यम से अतिथियों का अभिनंदन किया. बच्चों ने पारंपरिक लोक नृत्यों के जरिये झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जल-जंगल-जमीन के महत्व को बखूबी दर्शाया. नाटकों के माध्यम से छात्रों ने शिक्षा के महत्व और सामाजिक कुरीतियों पर कड़ा प्रहार किया. जिसे देख दर्शक भावुक हो गये. सुरीले गीतों और समूह नृत्यों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिये. एकेडमी की प्रधानाचार्या छंदा पात्रा ने विद्यालय की प्रगति रिपोर्ट साझा की. समाजसेवी रवि उरांव ने भी समाज निर्माण में विद्यालय की भूमिका की सराहना की. विकास भारती के संयुक्त सचिव महेंद्र भगत ने कहा की आज आप जो मंच पर अपनी कला और उत्साह दिखा रहे हैं. यही हमारे आने वाले कल की ऊर्जा है.