गुमला. गुमला स्थित श्री नारायणी श्याम मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा पंडाल श्रद्धा, भक्ति और उल्लास से सराबोर नजर आया. प्रातःकाल से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण हेतु उपस्थित रहे. कथावाचक पूज्य आचार्य करुणा शंकर त्रिवेदी महाराज ने कथा के दौरान भगवान विष्णु के वामन अवतार, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्म प्रसंग तथा योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का अत्यंत भाव-विभोर कर देने वाला वर्णन किया. वामन अवतार प्रसंग में उन्होंने बताया कि किस प्रकार भगवान ने बटुक रूप धारण कर राजा बलि के अहंकार का नाश करते हुए मात्र तीन पग में त्रिलोकी को नाप लिया और भक्त रक्षा का अनुपम संदेश दिया. अयोध्या में भगवान श्रीराम के जन्म का वर्णन होते ही कथा पंडाल जय श्रीराम के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठा. वहीं श्रीकृष्ण जन्म के प्रसंग में मथुरा कारागार में अवतरित भगवान के दिव्य स्वरूप का वर्णन सुन श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे. जैसे ही नंद के आनंद भयो भजन का गायन हुआ, पूरा पंडाल भक्ति व आनंद से झूम उठा. इस अवसर पर बाल गोपाल के जन्मोत्सव की भव्य झांकी सजायी गयी, जिसका दर्शन कर श्रद्धालुओं ने पुण्य लाभ प्राप्त किया. कथा के दौरान संकीर्तन, भजन और जयकारों से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय बना रहा. कथा के बाद विधिवत महाआरती संपन्न हुई तथा श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया. आयोजन समिति ने बताया कि आगामी दिनों में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं, गोवर्धन लीला व रासलीला का वर्णन किया जायेगा.
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