गुमलाः जिले के खोरा पतराटोली गांव में बढ़ते अपराध, जुआ और नशाखोरी के खिलाफ ग्रामीणों ने रविवार को आपात बैठक की. बैठक में ग्रामीणों ने गांव में नशीले पदार्थों की बिक्री और जुआ खेलने पर रोक लगाने का निर्णय लिया. साथ ही चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. ग्रामीणों ने इस अभियान में पुलिस से सहयोग की अपील भी की.
बैठक में हर घर से एक सदस्य शामिल हुआ, जबकि युवाओं की भी विशेष भागीदारी रही. समाजसेवी दिनेश साहू ने कहा कि गांव में बढ़ती नशाखोरी की समस्या को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं. इसी को देखते हुए नशे के कारोबार और सेवन पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए पुलिस प्रशासन का सहयोग भी जरूरी है.
ग्रामीणों ने थाना प्रभारी को लिखित आवेदन सौंपकर नशीले पदार्थों की बिक्री और अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग की. जगदीश साहू ने कहा कि क्षेत्र में नशे का प्रचलन लगातार बढ़ रहा है और विशेष रूप से युवा वर्ग इसकी चपेट में आ रहा है. नशे की वजह से युवाओं का भविष्य प्रभावित होने के साथ सामाजिक वातावरण पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है.
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नशे की लत से परिवार परेशान
ग्रामीणों का कहना है कि नशे की लत के कारण कई परिवार परेशान हैं. इसके साथ ही क्षेत्र में अपराध की घटनाओं में भी बढ़ोतरी हो रही है. ग्रामीणों ने पुलिस से नशीले पदार्थों की बिक्री और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. साथ ही नशे का सेवन करने वाले युवाओं को जागरूक कर उन्हें नशे से दूर करने के लिए अभियान चलाने की अपील की.
नियमित पुलिस गश्त की मांग
ग्रामीणों ने क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की. बैठक के बाद थाना प्रभारी को सौंपे आवेदन में ग्रामीणों ने कहा कि समाज को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस के साथ आम लोगों की सहभागिता भी जरूरी है. ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ अभियान में प्रशासन को हरसंभव सहयोग देने की बात कही. ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते नशाखोरी और जुए पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो इसका गंभीर असर आने वाली पीढ़ी पर पड़ सकता है. इसी को देखते हुए गांव में नशे और जुए के खिलाफ सामूहिक रूप से अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है.
