चैनपुर. उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश पर जिला प्रशासन व समाज कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को चैनपुर में सामाजिक कुरीति निवारण योजना व बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान के तहत अनुमंडल स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला हुई. इसका शुभारंभ मुख्य अतिथि एसी शशिंद्र कुमार बड़ाइक ने किया. मौके पर उन्होंने कहा कि बाल विवाह समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है. इसके विरुद्ध जिला प्रशासन पूर्ण प्रतिबद्धता एवं समन्वय के साथ कार्य कर रहा है. उन्होंने अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व समुदाय प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे आपसी एकजुटता के साथ प्रशासन का सहयोग करें तथा प्राप्त जानकारी को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचायें. डीएसडब्ल्यूओ आरती कुमारी ने कहा कि राज्य सरकार व जिला प्रशासन बाल विवाह, डायन प्रथा समेत अन्य सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए निरंतर सक्रिय रूप से कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक प्रयासों के साथ-साथ समुदाय की जागरूकता व सभी विभागों के समन्वित प्रयास से ही सामाजिक कुरीतियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है. चैनपुर एसडीओ ने कहा कि स्थानीय स्तर पर समय पर सूचना साझा करना व प्रशासनिक समन्वय बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों को रोकने में अत्यंत महत्वपूर्ण है. बीडीओ सह सीडीपीओ ने कहा कि प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर विभागीय समन्वय के माध्यम से बाल विवाह रोकथाम के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं.
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