4.72 लाख से बना चेकडैम तीन माह में टूटा, निर्माण में अनियमितता का आरोप

गुमला के बिशुनपुर प्रखंड के बनारी में जल छाजन मिशन के तहत 4.72 लाख की लागत से बना चेकडैम निर्माण के महज तीन महीने में ही टूट गया. ग्रामीणों ने निर्माण में भारी अनियमितता का आरोप लगाया है और विभागीय जांच की मांग की है.

बिशुनपुर (गुमला): प्रखंड के बनारी पंचायत अंतर्गत लाइनटोली गांव में जल छाजन मिशन के तहत बने चेकडैम के निर्माण में अनियमितता का आरोप लगाया गया है. ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण पूरा होने के महज तीन माह के भीतर ही चेकडैम टूट गया. इससे योजना की गुणवत्ता और निर्माण कार्य पर सवाल उठने लगे हैं.

4.72 लाख रुपए की लागत से हुआ था निर्माण

ग्रामीणों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में डब्ल्यूओसी, पीएमकेएसवाई 2.0 के तहत 4.72 लाख रुपये की स्वीकृत राशि से चेकडैम का निर्माण कराया गया था. माटीनाला जल छाजन समिति द्वारा कराये गये इस निर्माण कार्य के योजना लाभुक ओलीभर किंडो हैं.

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गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं करने का आरोप

शिकायतकर्ता का आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया. निर्माण पूरा होने के तीन माह के भीतर ही चेकडैम के टूटने से ग्रामीणों ने कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं. ग्रामीणों के अनुसार निर्माण कार्य की देखरेख मुंशी स्टीफन विंडी ने की थी.

विभागीय जांच और कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने मामले की विभागीय जांच कराने और निर्माण कार्य में अनियमितता के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि विकास योजनाओं के लिए आवंटित राशि का सही तरीके से उपयोग होना चाहिए, ताकि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ ग्रामीणों को मिल सके. मामले की जानकारी अनूप फ्रांसिस कुजूर ने दी.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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