गुमला के बिशुनपुर में नक्सलियों के बिछाये बम की चपेट में आया बुधेश्वर, हुई मौत, पुलिस सर्च ऑपरेशन में जुटी

गुमला जिला अंतर्गत बिशुनपुर के जुड़वानी गांव में नक्सलियों द्वारा बिछाये गये आईडी बम की चपेट में आने से एक ग्रामीण की मौत हो गयी. नक्सलियों द्वारा अपनी सुरक्षा और पुलिस को निशाना बनाने के उद्देश्य से आईडी बम बिछाया गया.

Jharkhand Naxal News (गुमला) : गुमला जिले के बिशुनपुर थाना क्षेत्र स्थित अति उग्रवाद प्रभावित कसमार इलाका के जुड़वानी गांव में नक्सलियों द्वारा बिछाये गये बम के ब्लास्ट होने से एक ग्रामीण बुधेश्वर निगेशिया की मौत हो गयी. इधर, घटना के बाद से पुलिस की टीम विभिन्न जंगलों में सर्च ऑपरेशन तेज कर दी है.

घटना के संबंध में ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, बिशुनपुर थाना क्षेत्र के विभिन्न जंगलों में भाकपा माओवादियों के द्वारा अपने सुरक्षा घेरे के उद्देश्य से आईडी बम जंगलों में प्लांट किया गया है. बुधवार को जुड़वानी गांव के बुधेश्वर नगेसिया अपने मवेशी को लेकर चराने के लिए जंगल की ओर गया हुआ था, तभी वह भाकपा माओवादी द्वारा बिछाये गये आईडी बम की चपेट में आ गया.

बम की चपेट में आने से बुधेश्वर की मौत हो गयी. बताया जाता है कि आईडी बम के ऊपर पैर रखने के कारण विस्फोट से उसका पैर उड़ गया था. इधर, घटना की सूचना बिशुनपुर पुलिस को मिली, तो गुरुवार की सुबह थाना प्रभारी सदानंद सिंह के नेतृत्व में पुलिस घटनास्थल के लिए रवाना हुए.

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मालूम हो कि माओवादी एवं पुलिस के बीच हो रहे खूनी संघर्ष में हमेशा गांव के बेकसूर लोगों की जान जा रही है. पुलिस माओवादियों के खिलाफ जंगलों में अभियान चला रही है, तो माओवादी अपने सुरक्षा के दृष्टिकोण से जंगल के चारों ओर आईडी बम लगा दे रहे हैं. जिसकी चपेट में आने से आये दिन ग्रामीणों की मौत हो रही है.

ग्रामीणों में ऊहापोह की स्थिति, गांव में फैला है सन्नाटा

घटना के बाद गांव में भय का माहौल व्याप्त है. ग्रामीण जहां घटना के बाद घटनास्थल से मृतक को गांव ले आये जिससे ग्रामीणों में ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर नक्सलियों का भी डर ग्रामीणों को सताने लगा है. इस घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसर गया है.

पूर्व में आईडी ब्लास्ट में जा चुकी है कई निर्दोष लोगों की जान

भाकपा माओवादी के द्वारा अपने सुरक्षा घेरे के लिए लगाये गये आईडी बम की चपेट में आने से अब तक कई निर्दोष ग्रामीणों की जान जा चुकी है. बता दें कि इससे पूर्व 23 जनवरी, 2019 को पेशरार-बिशनपुर सीमावर्ती इलाका के आसनपानी निवासी मंगलेश्वर नगेशिया अपने छोटे बेटे के साथ बेटी का विवाह के लिए लड़का देखने जंगल के रास्ते जा रहा था. इसी दौरान दूध मठिया टांगीडीह जंगल में लगाये गये आईडी बम के चपेट में आ गया. जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गयी.

इसके अलावा बिशनपुर सेरेंदाग थाना के सीमावर्ती इलाका में भैंस चराने के दौरान एक चरवाहे की मौत हो गयी थी. वहीं, बिशुनपुर-गारू थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाका गोताक बंदर लेटा जंगल में दातुन व पत्ता तोड़ने गये गोपखांड निवासी संझो नगेसिया की भी मौत हो चुकी है.

इधर, जुड़वानी गांव के बुधेश्वर नगेसिया की मौत के बाद पत्नी लीलावती देवी समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. पति की मौत के बाद अब पत्नी के ऊपर चार बेटा-बेटी के लालन-पालन की जिम्मेवारी आ गयी है. अब बच्चों का परवरिश कैसे होगा, इसकी भी चिंता सता रही है.

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पुलिस कर रही है जंगल में सर्च अभियान

घटना कि सूचना पर बिशनपुर थाना प्रभारी सदानंद सिंह के नेतृत्व में पुलिस गांव पहुंची. सबसे पहले शव को कब्जे में करते हुए बिशनपुर थाना भेजा. इसके बाद से ही पुलिस घटनास्थल एवं आसपास के जंगलों में पुलिस सर्च अभियान चला रही है.

Posted By : Samir Ranjan.

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