नौ गांव बनेंगे मॉडल सोलर विलेज, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से होंगे काम

गुमला में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को लेकर बैठक

गुमला. गुमला जिले में पीएम घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत चयनित मॉडल सोलर विलेज से संबंधित बैठक मंगलवार को डीडीसी दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में हुई. बैठक में जिला योजना पदाधिकारी (डीपीओ) रमण कुमार ने मुफ्त बिजली योजना के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वर्ष 2024 में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की शुरुआत की गयी है. योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रूफ टॉप सोलर प्लांट को बढ़ावा देना, हरित व स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना, प्रत्येक जिले में एक गांव को पूर्ण रूप से सोलराइज करना, सौर ऊर्जा के क्षेत्र में ग्रामीण समुदाय को आत्मनिर्भर बनाना व प्रत्येक दिन 24 घंटे सौर ऊर्जा उपलब्ध कराना है. कृषि कार्यों के लिए सोलर पंप, सोलर स्ट्रीट लाइट, सोलर रूफ टॉप जैसी तकनीकों को प्रोत्साहित करना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है. 2011 की जनगणना के आधार पर 5000 या उससे अधिक आबादी वाले गांवों का चयन मॉडल सोलर विलेज के रूप में किया गया है. इसके तहत जिले के छह प्रखंडों के नौ ग्रामों को चिह्नित किया गया है. इस योजना से पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत इच्छुक किसानों को आच्छादित किया जायेगा. छह माह की अवधि पूरी होने के बाद सभी नौ ग्रामों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आयोजित की जायेगी, जिसमें सोलर योजनाओं के क्रियान्वयन के आधार पर एक गांव को मॉडल सोलर विलेज के रूप में चयनित किया जायेगा. चयनित गांव को नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जायेगी, जिससे गांव का समग्र विकास किया जायेगा. बैठक में जिला कल्याण पदाधिकारी आलोक रंजन, कार्यपालक अभियंता विद्युत विभाग समेत विभिन्न प्रखंडों के बीडीओ व संबंधित पदाधिकारी व कर्मी मौजूद थे.

जिले के इन नौ ग्रामों का हुआ है चयन

सिसई प्रखंड के बड़गांव पंचायत के बड़गांव, नगर व सिसई ग्राम, भरनो के भरनो ग्राम, गुमला के फसिया व पुग्गू, चैनपुर के चैनपुर ग्राम, रायडीह के नवागढ़ व पालकोट प्रखंड के पालकोट ग्राम का चयन किया गया है. इन ग्रामों में योजना का प्रथम चरण लागू किया जायेगा. इन नौ ग्रामों में जनवरी 2026 से जून 2026 तक छह माह का चैलेंज पीरियड निर्धारित किया गया है. इस अवधि में सोलर स्ट्रीट लाइट, सोलर हाइमास्ट लाइट, सोलर पावर प्लांट आदि का अधिष्ठापन प्रमुख चौक-चौराहों, गली-मोहल्लों व सार्वजनिक स्थलों जैसे सरकारी अस्पताल, विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन, तहसील कचहरी, सार्वजनिक शौचालय, बस स्टैंड आदि स्थानों में किया जायेगा.

सभी बीडीओ चिह्नित गांवों का सर्वे कर प्रस्ताव तैयार करें

डीडीसी दिलेश्वर महतो ने सभी प्रखंडों के बीडीओ को चिह्नित नौ ग्रामों का सर्वे कर वहां की जरूरतों के अनुरूप प्रस्ताव तैयार करते हुए फरवरी माह तक जिला योजना कार्यालय में प्रस्ताव जमा करने व चिह्नित ग्रामों में योजना का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. कहा कि जिन क्षेत्रों में बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं है. वहां सोलर हाई मास्ट लाइट निशुल्क सरकारी अनुदान में स्थापित की जायेगी. पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत किसानों को आच्छादित करने, सोलर सिंचाई हेतु किसानों से 5000 रुपये अथवा आवश्यकता अनुसार अंशदान लेने तथा शेष 70 से 80 प्रतिशत राशि सरकार द्वारा अनुदान के रूप में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. सभी प्रस्तावों का सत्यापन कर बीडीओ के माध्यम से अग्रसारित करने व जून माह में मॉडल सोलर विलेज के चयन की भी बात कही.

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By Prabhat Khabar News Desk

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