गुमला. जिले के आंजन कुल्ही गांव से अंधविश्वास का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां डायन-बिसाही के आरोप में एक बुजुर्ग दंपती की जान पर बन आयी. 75 वर्षीय सुकरा उरांव और उनकी 70 वर्षीय पत्नी शनियारो उरांव पिछले एक सप्ताह से भय के साये में जी रहे थे. दंपती का आरोप है कि गांव के कुछ दबंग लोग उन्हें डायन करार देकर हर रात उनके घर पर हमला करने की कोशिश करते थे. आधी रात को दरवाजा पीट कर उन्हें बाहर निकलने के लिए मजबूर किया जाता था. हालांकि दंपती ने दरवाजा नहीं खोला, जिससे अब तक उनकी जान बची रही. उनका कहना है कि यदि एक बार भी दरवाजा खुल जाता, तो शायद वे जिंदा नहीं बचते. पीड़ितों के अनुसार गांव की एक महिला को बांझ बनाने का आरोप उन पर लगाया गया है. इस अंधविश्वास के चलते उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था. उन्होंने थाना में दिये आवेदन में संजय उरांव, अजय उरांव, गुंजा उरांव, बंधनू उरांव, सोमा उरांव, बिजला उरांव और कुंवारी उरांव समेत अन्य ग्रामीणों पर आरोप लगाया है कि वे हर रात घर घेरकर हत्या की नीयत से हमला करते थे. गांव में इस मुद्दे पर कई बार बैठक भी हुई, लेकिन दंपती को न्याय नहीं मिला. उल्टा उन्हें ही दोषी ठहराया जाता रहा और उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाने लगा. अंततः अपनी जान बचाने के लिए दंपती बुधवार को किसी तरह गांव से भाग कर थाना पहुंच पुलिस से मदद की गुहार लगायी. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और दंपती को साथ लेकर गांव पहुंची. फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और आगे की कार्रवाई जारी है. पुलिस ने ग्रामीणों को अंधविश्वास से दूर रहने की चेतावनी दी है और बताया कि दंपती अब सुरक्षित हैं.
डायन बता कर बुजुर्ग दंपती को मारने की कोशिश
एक सप्ताह तक दहशत में जीता रहा दंपती, आधी रात को घर घेरते थे ग्रामीण
