निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव कराने की लगायी गुहार

निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव कराने की लगायी गुहार

गुमला. सिसई प्रखंड के छारदा में ग्रामसभा के गठन और पदों के चयन को लेकर उपजा विवाद अब गहराता जा रहा है. ग्राम प्रधान के सहायक सचिव व कोषाध्यक्ष के पदों पर चुनाव की प्रक्रिया आरक्षण के दावों और नियमों की अलग-अलग व्याख्या के कारण ठप पड़ गयी है. इस समस्या के समाधान के लिए छारदा के ग्रामीणों ने मंगलवार को उपायुक्त दिलेश्वर महतो को मांग पत्र सौंप पेसा कानून 2025 के नियमों के तहत निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव कराने की गुहार लगायी है. उपायुक्त को सौंपे गये पत्र में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव के कुछ लोगों द्वारा भ्रामक प्रचार किया जा रहा है कि सहायक सचिव और कोषाध्यक्ष के पद केवल अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं, जबकि ग्रामीणों का तर्क है कि पेसा कानून के प्रावधानों में इन पदों के लिए किसी विशेष जाति आधारित आरक्षण का उल्लेख नहीं है. इस विवाद के चलते अब तक हुई दो चुनावी बैठक बिना किसी ठोस नतीजे के स्थगित करनी पड़ी है. ग्रामीणों का कहना है कि जब अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लोग बैठक में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने पहुंचे, तो दूसरे पक्ष के विरोध के कारण हंगामा हो गया और ग्रामसभा की कार्यवाही पूरी नहीं हो सकी. ग्रामीणों ने उपायुक्त से मांग की है कि इन पदों पर सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाये और नियमों के दायरे में रह कर चुनाव संपन्न कराया जाये, ताकि किसी समुदाय के साथ भेदभाव न हो.

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By Prabhat Khabar News Desk

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