गुमला में आंगनबाड़ी सेविकाओं का धरना, 30 हजार न्यूनतम मानदेय समेत 6 मांगों को लेकर DC को सौंपा ज्ञापन

गुमला में आंगनबाड़ी सेविकाओं ने छह सूत्री मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा. जानें पूरी खबर.

गुमला. आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ गुमला जिला के बैनर तले जिले भर की आंगनबाड़ी सेविकाओं ने अपने छह सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को समाहरणालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया. आंगनबाड़ी सेविकाएं चंदाली पहुंचने के बाद कतारबद्ध रूप से समाहरणालय परिसर में प्रवेश किया और परिसर में धरना प्रदर्शन पर बैठ गयी. इस दौरान काफी सेविकाओं व सहायिकाओं के हाथ में अपने मांगों से संबंधित तख्तियां थामे रही. धरना प्रदर्शन में सेविकाओं व सहायिकाओं ने अपने मांगों को पूरी करने की मांग को लेकर नारे भी लगाये.

EPF, ग्रेच्युटी, बोनस, पेंशन और चिकित्सा सुविधा मांगी

मौके पर वक्ताओं ने कहा कि सेविकाओं व सहायिकाओं की मांगों के संबंध में अनेकों बार संबंधित विभाग और सरकार को अवगत कराया गया है. लेकिन विभाग और सरकार की उदासीनता के कारण हम आज भी आंदोलन करने को विवश हैं. वक्ताओं ने सरकार से आंगनबाड़ी कर्मचारियों को मजदूर की श्रेणी में लाने व न्यूनतम मजदूरी 30 हजार रुपये प्रति माह देने, इपीएफ ग्रेच्युटी बोनस, पेंशन व चिकित्सा सुविधा का लाभ देने, सेवानिवृत्ति के पश्चात 10 लाख रुपये एवं पांच लाख रुपये एकमुश्त देने, सेविका व सहायिका का यदि कार्यकाल के निधन हो जाता है, तो उनके आश्रित बहु/बेटी की सीधी बहाली करने, महिला सुपरवाईजर के पद पर आंगनबाड़ी सेविका से ही शत प्रतिशत बहाल करने व उम्र सीमा की बाध्यता को समाप्त करने एवं नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप सेविकाओं को शैक्षणिक योग्यता व अनुभव के आधार पर शिक्षिका के पद पर बहाल करने की मांग की.

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मांगों पर जल्द कार्रवाई की सेविकाओं ने की मांग

वहीं धरना प्रदर्शन के बाद संघ की एक प्रतिनिधिमंडल ने माननीय प्रधानमंत्री (पीएम) भारत सरकार के नाम उपायुक्त गुमला को मांग पत्र सौंपा. मांग पत्र की प्रतिलिपि उप विकास आयुक्त (डीडीसी) गुमला व जिला समाज कल्याण पदाधिकारी (डीएसब्ल्यूओ) गुमला को भी सौंपा गया. आंगनबाड़ी सेविकाओं ने उपरोक्त मांगों पर विचार करते हुए यथाशीघ्र पूरा करने की मांग की है. धरना प्रदर्शन में संघ की जिलाध्यक्ष ममता गुप्ता, जिला मंत्री तारा देवी, रीमा देवी, शशिकला देवी, फूलमती देवी, सुशांती देवी, सोनी प्रवीण, रोपसन टोप्पो, लक्ष्मी देवी, महादेवी देवी, निर्मला देवी, पेरपेतुवा सहित हजारों की संख्या में सेविका व सहायिका शामिल रही.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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