दुर्जय पासवान
गुमला : देश के वीर सपूत परमवीर चक्र विजेता शहीद अलबर्ट एक्का जारी प्रखंड में अस्पताल नहीं है. यहां की करीब 31 हजार की आबादी भगवान भरोसे हैं. प्रखंड में डॉक्टर की प्रतिनियुक्ति भी नहीं की गयी है. एएनएम के भरोसे लोग हैं. बीमार होने पर लोग गुमला, चैनपुर, डुमरी या छत्तीसगढ़ के जशपुर जिला इलाज के लिए जाते हैं. वर्ष 2010 में जब जारी को प्रखंड का दर्जा मिला, उस समय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएससी) की स्थापना की पहल शुरू हुई थी.
इसके लिए एक करोड़ रुपये की लागत से भवन भी बनना शुरू हुआ, लेकिन बाद में प्रखंड की आबादी कम होने के कारण सीएससी का दर्जा प्राप्त नहीं हुआ और अस्पताल भवन का निर्माण कार्य भी बंद दिया गया. ठेकेदार भी आधा अधूरा भवन बना कर चल दिया. सात साल से यहां की 30926 आबादी प्रखंड में अस्पताल बनने का इंतजार कर रही है, लेकिन स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए न तो प्रशासन और न ही सरकार को चिंता है.
छत्तीसगढ़ से सटा हुआ है शहीद का प्रखंड : जारी प्रखंड छत्तीसगढ़ से सटा हुआ है. 19 मार्च 2010 को प्रखंड बने जारी में पांच पंचायत है. इसमें 60 गांव हैं. आबादी 30 हजार 926 है. यह पहला प्रखंड है, जहां सोलर से बिजली जलती है. कुछ ही इलाकों तक बिजली है. ग्रामीण विद्युतीकरण के तहत कई गांवों में बिजली नहीं पहुंची है. दो साल पहले एक करोड़ रुपये से बनी सड़क भी टूट गयी. सड़क खराब है. मरीज को दूसरे प्रखंड ले जाने में परेशानी होती है.
सीएम को समस्या से अवगत करायेंगे : भाजपा के युवा जिला अध्य्क्ष मिशिर कुजूर, महामंत्री अवधेश प्रताप शाहदेव, चैनपुर प्रखंड के बीस सूत्री अध्यक्ष नीरज शर्मा व गौतम सिंह ने ग्रामीणों की शिकायत पर अस्पताल का निरीक्षण किया. नेताओं ने पाया कि भवन अधूरा है. डॉक्टर नहीं रहते हैं. एएनएम के भरोसे लोग हैं. मिशिर कुजूर ने कहा कि अस्पताल नहीं बनना व डॉक्टर नहीं रहना गंभीर बात है. पहले इसकी जानकारी डीसी को देंगे. इसके बाद सीएम से बात की जायेगी.
