हलमाटी गांव के ग्रामीण नाले का पानी पीते थे. प्रशासन से कुआं व डीप बोरिंग की मांग किया था. प्रशासन की अनदेखी के बाद ग्रामीणों ने उठाया कुदाल. प्यास बुझाने के लिए खोद रहे कुआं.
घाघरा : घाघरा प्रखंड के हलमाटी गांव के लोग तपती धूप में श्रमदान कर कुदाल से कुआं खोद रहे हैं. पुरुषों के साथ महिलाएं भी हाथ बंटा रही है. इस गरमी में प्यास बुझाने के लिए ग्रामीणों द्वारा धरती का सीना चीर कर पानी निकालने का यह जंग बीते दो दिनों से चल रहा है.
ग्रामीणों ने श्रमदान से कुआं खोदने का यह कदम प्रशासन की अनदेखी के बाद उठाया है. ग्रामीणों की माने, तो एक सप्ताह के अंदर कुआं खोद लिया जायेगा. क्योंकि सुबह-शाम ग्रामीण कुआं खोदने में लगे हैं. एक व्यक्ति थक रहा है तो दूसरा हाथ बंटाने के लिए आगे आ रहा है.
इस कारण ग्रामीण आगे आये: हलमाटी गांव में 300 परिवार रहता है. यहां भारी जल संकट है. न कुआं है न ही चापानल. गांव के बगल में छोटी नदी बहती है, जिसने नाला का रूप ले लिया है.
गांव के लोग उसी नाले का पानी पीते हैं. नाले का पानी पी कर लोग बीमार भी हो रहे थे. ग्रामीणों की सुने तो कई बार डीसी, बीडीओ व मुखिया को आवेदन सौंप कर पेयजल सुविधा मुहैया कराने की मांग की गयी. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद ग्रामीण एकजुट हुए. पहले गांव में बैठक की. इसके बाद खुद श्रमदान कर कुआं खोदने का निर्णय लिया और इस पर काम शुरू कर दिया है.
श्रमदान में लगे महिला-पुरुष : श्रमदान में गांव की सीता देवी, बिमला देवी, शीला देवी, सुखी देवी, मुन्नी देवी, प्रतिमा देवी, कृष्णा महतो, धर्मवीर महतो, शंकर उरांव, सहित शिवशक्ति महिला समूह, कमल महिला समूह की महिलाएं लगी हुई हैं.
प्रशासन व सरकार की अनदेखी के कारण ग्रामीण कूप निर्माण कर रहे हैं. प्रखंड प्रशासन गांव में कूप निर्माण योजना को स्वीकृति देते हुए उसके निर्माण कार्य का भुगतान ग्रामीणों को करे.
पलक सिंह, पंसस, बेलागढ़ा पंचायत
