घाघरा प्रखंड : एक लाख आबादी में एक बैंक, उपभोक्ता परेशान

दो साल से एटीएम खराब बैंक में लगती है लंबी कतार घाघरा : घाघरा प्रखंड की एक लाख आबादी मात्र एक बैंक बैंक ऑफ इंडिया के भरोसे है. दो साल से एटीएम भी खराब है. उपभोक्ता लगातार शिकायत कर रहे हैं. लेकिन बैंक के अधिकारी व प्रशासन जनता की समस्या को दूर नहीं कर पा […]

दो साल से एटीएम खराब
बैंक में लगती है लंबी कतार
घाघरा : घाघरा प्रखंड की एक लाख आबादी मात्र एक बैंक बैंक ऑफ इंडिया के भरोसे है. दो साल से एटीएम भी खराब है. उपभोक्ता लगातार शिकायत कर रहे हैं. लेकिन बैंक के अधिकारी व प्रशासन जनता की समस्या को दूर नहीं कर पा रहे हैं. बैंक की स्थिति यह है जो पहले आता है, उसका काम होता है.
कुछ लोग पैरवी कर बैंक से अपना काम जल्द करा लेते हैं. लेकिन दूर-दराज गांवों से आने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है. हर रोज बैंक में लंबी कतार लगती है. व्यापारियों ने अभी हाल में ही डीसी को ज्ञापन सौंप समस्या दूर करने की मांग कर चुके हैं. अनिरुद्ध चौबे, मनोज सिन्हा ने कहा कि बैंक घाघरा के लिए बहुत बड़ी समस्या है.
प्रशासन इसे छोटी समस्या मान रही है. लेकिन आम जनता के लिए यह बड़ी समस्या है. छोटी समस्या आंकना बेवकूफी होगी. यहां दूसरा बैंक खुले या फिर बैंक ऑफ इंडिया का विस्तार हो. बीडीओ विजय सोनी ने भी पत्रचार कर डीसी को अवगत कराते हुए अन्य बैंक खुलवाने की बातें कही. ग्रामीण रामनंदन साहू, मुरली मनोहर सिंह, मीना देवी, प्रदीप प्रसाद ने कहा कि बैंक में इतनी भीड़ होती है कि बैंक जाकर पैसा निकालना नामुमकिन है.
बैंक में न तो शौचालय है और न ही लाइन में खड़ा रहने के लिए कोई छायादार भवन बनाया गया है. धूप इतनी कड़ी है कि लोगों की जान जा सकती है. ऐसे में प्रशासन को कोई ठोस पहल करनी चाहिए. अगर प्रशासन प्रयास नहीं करेगी, तो प्रखंड की जनता तीव्र आंदोलन करेगी. इसकी सारी जवाबदेही जिला प्रशासन की होगी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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