बिना आदेश के पानी टैंकर की हुई है खरीदारी
सचिव ने पत्र लिख कर जांच करने का निर्देश दिया
गुमला : गुमला जिले के विभिन्न प्रखंड के अधिकांश ग्राम पंचायत में 14वें वित्त आयोग मद की राशि खर्च करने में मुखिया ने सरकार के निर्देशों की अनदेखी कर पानी टैंकर खरीद लिया है. जबकि ऐसा कोई निर्देश ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी नहीं किया गया है. ग्रामीण विकास विभाग के सचिव डॉ प्रवीण शंकर केे राज्य के सभी जिलों के डीसी व डीडीसी को भेजे गये पत्र से इन बातों का खुलासा होता है कि जिले के मुखिया 14वें वित्त आयोग की राशि खर्च करने में सरकार के निर्देशों की अवहेलना कर रहे हैं.
जबकि ग्रामीण विकास विभाग के परिपत्र में यह स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि 14वें वित्त आयोग की राशि वाहन मद में खर्च नहीं की जा सकती है. साथ ही यह टैंकर खरीद योजना नहीं है. सरकार के सचिव ने डीसी को भेजे गये पत्र में लिखा है कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा जलापूर्ति से संबंधित कार्रवाई की जा रही है. इसलिए जलापूर्ति से संबंधित कोई भी योजना पेयजल व स्वच्छता विभाग के अनापत्ति प्रमाण पत्र के बिना नहीं चलाने का निर्देश दिया है. इसके बाद भी जिले के मुखिया द्वारा 14वें वित्त आयोग की राशि का दुरूपयोग कर पानी टैंकर खरीदा गया.
पत्र में डीसी व डीडीसी को जिला स्तरीय जांच कमेटी का गठन कर 14वें वित्त आयोग की राशि के खर्च की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है. सचिव ने पत्र में कहा है कि ग्राम पंचायत द्वारा ऐसी कोई भी योजना 14वें वित्त आयोग की राशि से नहीं ली जाये जिसके लिए अन्य विभाग द्वारा राशि उपलब्ध करायी गयी है. उन्होंने निर्देश दिया है कि वित्त आयोग की राशि का खर्च योजना बनाओ अभियान के तहत ग्रामसभा के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर चयनित योजनाओं पर करना है. योजना के प्राथमिकता क्रम को बदलने व परिवर्तित करने का अधिकार ग्राम पंचायत के कार्यकारिणी समिति को नहीं है. इसके बाद भी पंचायत के मुखिया पानी टैंकर की खरीद कर राशि खर्च करने में मनमानी कर रहे हैं.
