प्रज्ञा केंद्रों ने धंधा बना लिया है

गुमला में तीन महीने से प्रमाण पत्र बनाने का काम लंबित, डीसी नाराज, कहा प्रज्ञा केंद्र के कारण प्रमाण पत्र बनाने में हो रही है देरी जनता को परेशान करना बंद करें, नहीं तो कार्रवाई होगी डीसी श्रवण साय गुमला जिले में तेज गति से जाति, आय व आवासीय प्रमाण पत्र नहीं बनने से नाराज […]

गुमला में तीन महीने से प्रमाण पत्र बनाने का काम लंबित, डीसी नाराज, कहा
प्रज्ञा केंद्र के कारण प्रमाण पत्र बनाने में हो रही है देरी
जनता को परेशान करना बंद करें, नहीं तो कार्रवाई होगी
डीसी श्रवण साय गुमला जिले में तेज गति से जाति, आय व आवासीय प्रमाण पत्र नहीं बनने से नाराज हैं. उन्होंने गुमला के प्रज्ञा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया तो मिली खामियां. सभी केंद्रों की होगी जांच. काम नहीं करनेवाले केंद्र की लॉगिंग आइडी बंद की जायेगी़
गुमला : गुमला में आम जनता को जाति, आय व आवासीय प्रमाण पत्र बनाने में परेशानी हो रही है. जरूरतमंद लोगों ने प्रमाण पत्र बनाने के लिए दो से तीन महीने पहले आवेदन दिया है. लेकिन अभी तक प्रमाण पत्र नहीं बना है और लोग चक्कर काट रहे हैं. इसकी लगातार मिल रही शिकायत व रांची से प्रमाण पत्र नहीं बनने का समाचार प्रभात खबर में छपने के बाद डीसी श्रवण साय ने मामले को गंभीरता से लिया है. बुधवार दोपहर डीसी गुमला सदर के प्रज्ञा केंद्र का औचक निरीक्षण किये. जांच में पता चला कि प्रज्ञा केंद्र के संचालकों की लापरवाही के कारण प्रमाण पत्र बनाने का काम लंबित है. आवेदन प्रज्ञा केंद्र में पड़ा हुआ है.
लेकिन उसे अंचल कार्यालय नहीं भेजा गया है. डीसी की जांच में पता चला कि ब्लॉक कार्यालय के सामने स्थित केंद्र में सिर्फ 397 प्रमाण पत्र लंबित है. वहीं अंचल कार्यालय का फरजी कैशमेमो रसीद का उपयोग किया जा रहा है. डीसी ने जांच के बाद कहा कि प्रज्ञा केंद्र के लोग प्रमाण पत्र बनाने के काम को धंधा बना लिये हैं. प्रज्ञा केंद्र के कारण प्रमाण पत्र बनाने में देरी हो रही है. जनता को परेशान करना बंद करें, नहीं तो कार्रवाई होगी. गुमला में तीन महीने से प्रमाण पत्र बनाने का काम लंबित. यह गंभीर मामला है. प्रज्ञा केंद्र की जांच के बाद डीसी अंचल कार्यालय पहुंचे. जहां प्रमाण पत्र बनाने की गति की जांच की. यहां जांच में पाया गया कि जाति के 193, आवासीय के 135 व आय के 34 प्रमाण पत्र बनाने का काम लंबित है. डीसी ने सीओ महेंद्र कुमार को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया. जांच में डीसी के साथ ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अमर हुडमरे, राजेश गुप्ता सहित कई लोग थे.
संचालक पर एफआइआर का निर्देश
डीसी ने जांच में गड़बड़ी पाये जाने व लंबित प्रमाण पत्रों के मामले को गंभीरता से लिया है. उन्होंने गुमला ब्लॉक के समीप अमर ज्योति कुमार द्वारा संचालित प्रज्ञा केंद्र का लॉगिंग बंद करने व केंद्र के संचालक पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया. इधर प्रज्ञा केंद्र संचालक अमर ज्योति कुमार ने कहा कि मैं दो महीने से यहां केंद्र का संचालन कर रहा था.
पहले से यहां आवेदन लंबित था. इसमें मेरा कोई हाथ नहीं है. पुराने संचालक ने जो गड़बड़ी की है, वह मेरे ऊपर आ गया है. सीओ महेंद्र कुमार ने कहा कि गुमला के प्रज्ञा केंद्रों का मैंने पहले भी जांच किया था. उस समय गड़बड़ी मिली थी. मैंने जांच रिपोर्ट भेजा था. पर एक मौका देने के बहाने संचालक को माफ कर दिया गया. लेकिन यहां मेरे ही कार्यालय का रसीद छपवा कर गड़बड़ी की जा रही है. मैंने रसीद भी जब्त की है. डीसी ने कहा कि अंचल कार्यालय के नाम से फरजी कैशमेमो रसीद छपवाकर पैसा लेना गलत है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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