गुमला : जिले के टाना भगतों ने अपनी जमीन संबंधी समस्या के समाधान की मांग को लेकर मंगलवार को एसी अशोक कुमार शाह का घेराव किया. पांच दर्जन से भी अधिक की संख्या में एसी का घेराव करने पहुंचे टाना भगत उग्र दिखें. एसी का कार्यालय समाहरणालय भवन में प्रथम तल्ला पर है.
भवन में प्रवेश करने के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस जवानों ने टाना भगतों को रोकने का प्रयास किया. टाना भगतों ने पुलिस जवानों को धक्का देकर किनारे कर दिया और आगे बढ़ गये. सीढ़ी चढ़ने के बाद प्रथम तल्ला के मुख्य द्वार पर पहुंचने पर टाना भगतों ने देखा कि ग्रिल बंद है.
इस पर टाना भगत और भी ज्यादा उग्र हो गये और हंगामा करने लगे. दो मिनट बाद ग्रिल खोला गया. ग्रिल खुलते ही टाना भगत अंदर प्रवेश किये और एसी कार्यालय की ओर बढ़ने लगे. इस दौरान डीसी व एसी के बॉडीगार्ड (पुलिस जवान) ने टाना भगतों को रोकने का प्रयास किया. टाना भगत दोनों को ढकेलते हुए आगे बढ़ गये. पीछे से आ रहे कुछ टाना भगतों ने एसी के बॉडीगार्ड का कॉलर पकड़ लिया. बॉडीगार्ड ने किसी तरह टाना भगतों से अपना पीछा छुड़ाया.
एसी के कार्यालय कक्ष में भी टाना भगतों का तेवर उग्र ही रहा. टाना भगतों के सवालों का जवाब देते हुए एसी ने बताया कि जिले भर में अब तक 167 लोगों का दाखिल-खारिज का काम हुआ है. इस पर टाना भगत और भी उग्र हो गये और कहा कि सीएम का आदेश था कि 15 अगस्त तक सभी टाना भगतों की जमीन से संबंधी काम को पूरा कर लेना है.
अभी तक दाखिल-खारिज का ही काम चल रहा है. टाना भगतों ने एसी को खरीखोटी सुनायी. टाना भगतों 159 लोगों के हुए दाखिल-खारिज की सूची देखने के लिए मांगा. एसी ने कहा कि वह सूची तो अंचल में अंचलाधिकारी दे सकते हैं. एसी की बात सुनकर टाना भगतों ने कहा कि अंचल में जाने पर सही जवाब नहीं मिलता है. टाना भगतों के रवैये को देखकर एसी ने सूची दिखाने के लिए तीन दिन का समय मांगा. इसे टाना भगतों ने ठुकरा दिया. एसी ने शाम पांच बजे तक का समय मांगा. इसे भी टाना भगतों ने ठुकरा दिया. इस पर विवश होकर एसी ने कहा कि मेल पर ही मंगा कर दिखा देते हैं.
