गुमला : गरमी के मौसम में जैसे-तैसे काम चलाने के बाद रायडीह प्रखंड के सिलम स्थित मूकबधिर, नेत्रहीन, स्पैष्टिक आवासीय विद्यालय, पेन आइआइटी कंस्ट्रक्शन गुरुकुल, नारी निकेतन व संप्रेषण गृह के बच्चों को बरसात के मौसम में भी पेयजल के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
मूकबधिर विद्यालय में 76 मूकबधिर, नेत्रहीन व स्पैष्टिक बच्चे, पेन आइआइटी में 59 प्रशिक्षणार्थी, नारी निकेतन में 11 लाभार्थी व बाल संप्रेषण गृह में लगभग 70 बच्चे हैं. इनके अलावा शिक्षक, केयरटेकर व संप्रेषण गृह के जवान भी शामिल हैं, जो काफी लंबे समय से पेयजल व्यवस्था की मांग कर रहे हैं. इन लोगों की मांग को ध्यान में रखते हुए तीन वर्ष पूर्व संप्रेषण गृह के समीप एक जलमीनार बनाने की योजना स्वीकृत हुई. काम भी शुरू हुआ, लेकिन अब तक जलमीनार अधूरी ही है.
गरमी के मौसम में चारों स्थानों के लोगों ने जैसे-तैसे पेयजल की व्यवस्था तो कर ली, लेकिन बरसात के इस मौसम में भारी परेशानी हो रही है. पेयजल की यह समस्या गत तीन माह से ज्यादा बढ़ गयी है. संप्रेषण गृह के बच्चों का गृह के बाहर स्थित कुआं से किसी प्रकार काम चल रहा है, लेकिन आवासीय विद्यालय, गुरुकुल व नारी निकेतन के लोगों को बरसात के मौसम में भी पानी के लिए भटकना पड़ रहा है. आवासीय विद्यालय के एचएम नंदकिशोर बाबू महान ने बताया कि पेयजल व अन्य कार्यों के लिए भी पानी की कमी है.
बच्चे नहाने के लिए खेत के एक डाड़ी पर आश्रित हैं. पेयजल की इस समस्या के समाधान के लिए आवासीय विद्यालय के एचएम नंदकिशोर बाबू महान, गुरुकुल के एचएम दयाशंकर सिंह व नारी निकेतन के उत्तम कुमार मोदी ने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी गुमला को मंगलवार को हस्ताक्षरयुक्त आवेदन देकर समस्या से अवगत कराते हुए समाधान की मांग की है.
