पार्षद के पति कहते हैं : वोट नहीं दिया, सड़क व नाली नहीं बनेगी

दुर्जय पासवान गुमला : गुमला शहर के वार्ड नंबर छह में हुसैन नगर है. यह मुसलिम बहुल मुहल्ला है. मुहल्ले में एक साल से सफाई नहीं हुई है. नाली नहीं है. अगर कहीं नाली बनी है, तो टूट गयी है. सड़क बनी थी, छह माह में टूट गयी. कुछ गलियों में सड़क नहीं है. घर […]

दुर्जय पासवान
गुमला : गुमला शहर के वार्ड नंबर छह में हुसैन नगर है. यह मुसलिम बहुल मुहल्ला है. मुहल्ले में एक साल से सफाई नहीं हुई है. नाली नहीं है. अगर कहीं नाली बनी है, तो टूट गयी है. सड़क बनी थी, छह माह में टूट गयी. कुछ गलियों में सड़क नहीं है. घर का पानी बीच सड़क से बहता है.
सड़कें संकीर्ण हैं. सबसे बड़ी समस्या शौचालय की है. 2000 आबादी में आधे से अधिक घरों में शौचालय नहीं है. लोग खुले में शौच जाते हैं. मुहल्ले के लोगों के अनुसार, मुहल्ले की समस्या को लेकर लोगों ने कई बार वार्ड पार्षद के समक्ष फरियाद लगायी, परंतु वार्ड पार्षद संजिदा खातून के पति इम्तियाज उर्फ गुड्डू जो अपनी पत्नी का सारा कामकाज देखते हैं, उन्होंने हुसैन नगर में सड़क व नाली बनवाने से इनकार कर दिया. यहां तक कि सफाई करने पहुंचे मजदूरों को भी हुसैन नगर में सफाई करने से मना कर देते हैं. इससे मुहल्ले के लोग नाराज हैं. लोगों ने कहा कि हमारे वोट से पार्षद बनी. अब उनके पति कहते हैं कि वोट नहीं मिला, इसलिए काम नहीं करेंगे. लोगों ने आने वाले चुनाव में सबक सिखाने की बात कही.
हर काम के लिए मांगा जाता है चंदा
मुहल्ले के राजू कुरैसी, मेहंदी हसन, मो फिरोज, मुस्ताक अहमद, नसीम, मेराज, जलील, आलम पेंटर, सुहैल, शमीम पेंटर व जलाल खान ने कहा कि हुसैन नगर के बीच में डेढ़ सौ फीट कच्ची सड़क है. इसे बनाने के लिए कहा, तो पार्षद के पति ने सड़क बनवाने से इनकार कर दिया. पोल व बिजली तार के लिए पैसा चंदा करके दिया गया, पर पोल नहीं लगाया.
हर काम के लिए चंदा मांगा जाता है. लोग हर रोज कमाते हैं, तो खाते हैं. मुहल्ले के विकास के लिए पैसा भी चंदा करके दिया, पर यहां कुछ काम नहीं हुआ. यहां कई मुहल्ले में अच्छी नाली को तोड़ कर दोबारा बनायी जा रही है, लेकिन जहां नाली की जरूरत है, वहां ध्यान नहीं है.
खुले में शौच जाते हैं लोग
मुहल्ले की नजमा खातूम, नसीमा खातून, असमीना खातून, जलीसा खातून, इशरत बानो, अफसाना, हुलसा बीबी, गुलसा खातून, रोख्साना खातून, गौशन खातून, सबिना खातून व हदीसा खातून ने कहा कि आधे से अधिक घरों में शौचालय नहीं है. हमारे परिवार की कमाई इतनी नहीं है कि शौचालय बना सकें. मजबूरन खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है. पूरा मुहल्ला गंदगी के बीच बसा है. कभी भी महामारी फैल सकती है. सफाई कभी नहीं होती है. मुहल्ले के लोग नरक की जिंदगी जी रहे हैं.
पार्षद की लापरवाही : मोसर्रत
नगर पार्षद की उपाध्यक्ष मोसर्रत परवीन ने कहा कि हुसैन नगर के लोग शौचालय के लिए आवेदन दें. शौचालय बनाया जायेगा. मुहल्ले में अगर सफाई नहीं होती है, तो वार्ड पार्षद की लापरवाही है. पार्षद को चाहिए कि जहां गंदगी है, उसे साफ करायें. वार्ड छह के लिए हर समय दो से तीन मजदूर दिया जाता है. इसके बाद भी गंदगी है, तो यह लापरवाही है. सड़क व नाली का प्रस्ताव आता, तो स्वीकृति दी जाती, परंतु पार्षद द्वारा प्रस्ताव नहीं आया है. इधर, पार्षद से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी.

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