वार्डन ने सीडब्ल्यूसी को जांच करने से रोका

गुमला : गुमला के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय स्कूल की वार्डन ने सीडब्ल्यूसी (चाइल्ड वेलफेयर कमेटी) को जांच करने से रोका, जिससे सीडब्ल्यूसी की तीन सदस्यीय टीम को बैरन लौटना पड़ा. वार्डन ने नियम कानून का हवाला देकर टीम के सदस्यों को छात्रावास के अंदर जाने नहीं दिया, जिस कारण टीम लड़कियों से पूछताछ नहीं […]

गुमला : गुमला के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय स्कूल की वार्डन ने सीडब्ल्यूसी (चाइल्ड वेलफेयर कमेटी) को जांच करने से रोका, जिससे सीडब्ल्यूसी की तीन सदस्यीय टीम को बैरन लौटना पड़ा.
वार्डन ने नियम कानून का हवाला देकर टीम के सदस्यों को छात्रावास के अंदर जाने नहीं दिया, जिस कारण टीम लड़कियों से पूछताछ नहीं कर सकी.
टीम बीतें दिनों आठ छात्राओं की पिटाई के बाद स्कूल से निकाले जाने के मामले की जांच करने पहुंची थी.दिन के 3.05 बजे सीडब्ल्यूसी की चेयरमैन तागरेन पन्ना, सदस्य अलख नारायण सिंह व धनंजय मिश्र जांच करने कस्तूरबा स्कूल पहुंचे थे, परंतु वार्डन इरका आभा लकड़ा ने यह कह कर टीम को अंदर जाने से रोक दिया कि यह लड़कियों का छात्रावास है. अंदर जाने पर रोक है. ऐसे वार्डन आभा लकड़ा ने सीडब्ल्यूसी की चेयरमैन तागरेन पन्ना को महिला होने के नाते अंदर जाने के लिए कहा, लेकिन अलख
सिंह व धनंजय मिश्र को अंदर जाने से रोक दिया. अंत में टीम के लोग बाहर ही खड़े होकर वार्डन से बातचीत की.
लड़कियों के साथ मारपीट करने व स्कूल से निकाले जाने की बात से वार्डन ने इनकार किया. इधर, टीम के सदस्यों ने वार्डन के रवैये को गंभीरता से लिया है. अलख सिंह ने कहा कि इसकी लिखित शिकायत बाल संरक्षण आयोग व डीसी से की जायेगी, क्योंकि वार्डन मामले को दबाने का प्रयास कर रही है. जिन लड़कियों को पिटाई के बाद स्कूल से निकाला गया है, अब उन लड़कियों से वार्डन समझौता कर मामले को दबाने में लगी हुई हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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