गुमला : गुमला शहर के आं बेडकर नगर हरिजन मुहल्ला निवासी रूपा देवी व बजरंग नायक ने अपनी नवजात बेटी को एक हजार रुपये में बेच दिया. नवजात पांच दिन की है. बाजारटांड़ के एक व्यक्ति ने नवजात को खरीदने के बाद उसे गुमला से रांची भेज दिया है. अब नवजात कहां है, किसी को पता नहीं है.
वहीं, नवजात को बेचने का मामला सामने आने के बाद चाइल्ड वेलफेयर कमेटी गुमला ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है़ सीडब्ल्यूसी की चेयरमैन तागरेन पन्ना के निर्देश पर सदस्य अलख नारायण सिंह व संजय कुमार भगत हरिजन मुहल्ला पहुंचे. रूपा देवी से मुलाकात कर नवजात को बेचने का कारण पूछा.
बजरंग नायक ने सीडब्ल्यूसी को बताया कि गरीबी व परवरिश नहीं कर पाने के कारण उसकी पत्नी ने नवजात को बेचा.उनकी पहले से पांच संतानें है़ं जबकि रूपा देवी ने कहा कि पति-पत्नी की रजामंदी से नवजात को बेचा गया़
ऐसे मामला प्रकाश में आया
करौंदी गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका उषा देवी व विकास भारती और बिशुनपुर के पोषाक सलाहकार जयासेन गुप्ता ने बजरंग नायक की बेटियों को पौष्टिक आहार देने के वक्त पूछताछ की तो नवजात को बेचने की जानकारी मिली़ इसके बाद उषा देवी व जयासेन गुप्ता बजरंग को लेकर सीडब्ल्यूसी पहुंचे. जहां पूछताछ के बाद बजरंग ने कहा कि बाजारटांड़ में एक व्यक्ति के घर पर वह मजदूरी करता था. वहीं बेटी को बेचा़
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रूपा व बजरंग ने दूसरी शादी की
बजरंग पहले से शादीशुदा है. उसकी पहली पत्नी करौंदी निवासी फूलमनी देवी का दो साल पहले बीमारी के कारण निधन हो गया. पहली पत्नी से तीन बच्चे हैं. बड़े बेटे कंचन नायक की बीमारी से मौत हो गयी. दो बेटी आरती कुमारी व दुरगी कुमारी हैं, जो कुपोषण के शिकार हैं. पहली पत्नी की मौत के बाद बजरंग ने हरिजन मुहल्ला की रहनेवाली रूपा से शादी कर ली़ वह विधवा थी़ रूपा के पहले से तीन बच्चे हैं. इसमें दो बेटी व एक बेटा है.
नवजात को बेचा गया है. इसकी लिखित शिकायत की गयी है. मामले की जांच की जा रही है. नवजात को रांची ले जाया गया है. उसे वापस लाकर सीडब्ल्यूसी के संरक्षण में परवरिश होगा.
तागरेन पन्ना, चेयरमैन, सीडब्ल्यूसी
