आंदोलन. दुष्कर्म और मानव तस्करी की बढ़ती घटनाओं के खिलाफ गुमला बंद
बंद को नहीं मिला लोगों का समर्थन, डेढ़ घंटे बाद ही सब कुछ सामान्य
गुमला : गुमला में दुष्कर्म की बढ़ती घटनाएं व मानव तस्करी के खिलाफ भाकपा माले द्वारा गुरुवार को आहूत गुमला बंद बेअसर रहा.
झारखंड नवनिर्माण दल व माले के दर्जनों नेता बंद को सफल बनाने के लिए सड़क पर उतरे, लेकिन प्रशासन ने बंद समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया. हालांकि देर शाम बंद समर्थकों को रिहा कर दिया गया. बंद समर्थक सबसे पहले टावर चौक के पास पहुंचे. यहां रांची व गुमला मार्ग को टावर चौक के समीप जाम कर नारेबाजी शुरू की. इससे दर्जनों गाड़ी जाम में फंस गयी. करीब आधा घंटे तक जाम रहा. एसडीओ केके राजहंस व मजिस्ट्रेट रवि शंकर पुलिस बल के साथ पहुंचे और जाम कर रहे लोगों को टावर चौक से हटाया. टावर चौक में जाम हटने के बाद दोपहर में पुन: भाकपा माले के जिला सचिव विजय कुमार सिंह के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में सड़क पर उतरे. पटेल चौक के समीन एनएच-43 जाम कर दिया.
इस दौरान पटेल चौक के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गयी. जाम कर रहे लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. विभिन्न दुष्कर्म की घटनाओं में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की. इधर, जैसे ही एसडीओ को पटेल चौक के पास जाम की सूचना मिली, वे तुरंत पुलिस बल के साथ पहुंचे और माले नेताओं को गिरफ्तार कर आवागमन सामान्य कराया. ज्ञात हाे कि फोरी गांव की घटना को लेकर माले ने पहले ही बंद की घोषणा की थी, लेकिन बंद के बावजूद वाहन चले. दुकानें खुली रही. बंद का कहीं कोई असर नहीं पड़ा.
