1000 लीटर की जलमीनार के पास भी प्यासे

रायडीह : जलमीनार बगल में है, फिर भी 40 परिवारों का कंठ सूखा है. चापानल है, परंतु वह भी सूख गया. एक सरकारी चापानल पर निजी व्यक्ति ने कब्जा कर लिया. पानी नहीं मिल रहा है और लोग परेशान है. यह हाल रायडीह प्रखंड के भंडारटोली गांव का है. ठीक अस्पताल के सामने पहाड़ पर […]

रायडीह : जलमीनार बगल में है, फिर भी 40 परिवारों का कंठ सूखा है. चापानल है, परंतु वह भी सूख गया. एक सरकारी चापानल पर निजी व्यक्ति ने कब्जा कर लिया. पानी नहीं मिल रहा है और लोग परेशान है. यह हाल रायडीह प्रखंड के भंडारटोली गांव का है. ठीक अस्पताल के सामने पहाड़ पर गांव है. यहां 40 परिवार को पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा है़

लोगों को दो बाल्टी पानी के लिए सुबह-शाम परेशान होना पड़ रहा है. गांव के अफरोज राय, संतोष साहू, हड़हू महली, ननदू महली, मुनू लोहरा, रोशन लकड़ा, अब्राहम कुजूर व शमीम खान ने कहा कि जलमीनार जिस मकसद से बनी है, वह इस क्षेत्र के लोगों के लिए हाथी का दांत साबित हो रहा है. मिलमिली नदी में इंटक वेल है, परंतु कुएं में बालू जमा हो गया है, जिसकी सफाई विभाग द्वारा 20 वर्षों से नहीं करायी गयी है. जिस कारण जलमीनार तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है. स्थानीय लोगों ने कहा : खराब चापानल बने और जलमीनार से पानी सप्लाई हो, नहीं तो मजबूरन सड़क पर उतरना होगा.

एक हजार लीटर है जलमीनार की क्षमता: जलमीनार की क्षमता एक हजार लीटर पानी स्टोरेज कर रखने की है. रायडीह के 100 लोगों को पानी का कनेक्शन दिया है. 1990 में जलमीनार बनी थी. शुरू में एक बार पानी मिला. इसके बाद से बेकार पड़ा है.

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