ओेके::गुम:: फोटो है : किसी ने सराहा, किसी ने नकारा स्थानीय नीति पर प्रतिक्रिया7 गुम 21 में भूषण तिर्की7 गुम 27 में मिशिर उरांव7 गुम 28 में अशोक भगतप्रतिनिधि, गुमलाकैबिनेट ने राज्य की स्थानीय नीति को मंजूरी दे दी है. राज्य बनने के 16 वर्ष बाद स्थानीय नीति बनी है. स्थानीय नीति के अनुसार अगर आप झारखंड में 30 साल से अधिक समय से रह रहे हैं. यहां पर जमीन है. झारखंड में नौकरी कर रहे हैं, तो आप अब झारखंडी कहलायेंगे. झारखंड सरकार ने स्थानीय नीति के लिए कट ऑफ डेट 1986 निर्धारित किया है. कैबिनेट द्वारा स्थानीय नीति को मंजूरी देने के बाद गुमला के लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. झामुमो के पूर्व विधायक भूषण तिर्की ने कहा कि झारखंड राज्य में सदियों से रहने वाले आदिवासी व मूलवासी के साथ यह अन्याय है. सरकार का स्थानीय नीति सीधे तौर पर बाहरी लोगों को लाभ देने के लिए है. झारखंड पार्टी के प्रधान महासचिव अशोक कुमार भगत ने कहा कि स्थानीय नीति झारखंडी भावना के साथ खिलवाड़ है. झारखंड की जनता के हित को ध्यान में न रख कर स्थानीय नीति बनायी गयी है. इसका कट ऑफ डेट 1952 होना चाहिए था. भाजपा के युवा नेता मिशिर उरांव ने कहा कि भाजपा की सरकार ने स्थानीय नीति लागू कर जनता को तोहफा दिया है. सरकार का फैसला स्वागत योग्य है. इधर, छोटानागपुरिया तेली उत्थान परिषद गुमला ने रघुवर सरकार द्वारा स्थानीय नीति को मंजूरी देने का स्वागत किया है. जिला महासचिव शिवचरण साहू ने कहा कि 15 साल तक स्थानीय नीति का मामला फंसा हुआ था. लेकिन रघुवर सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है.
ओेके::गुम:: फोटो है : किसी ने सराहा, किसी ने नकारा
ओेके::गुम:: फोटो है : किसी ने सराहा, किसी ने नकारा स्थानीय नीति पर प्रतिक्रिया7 गुम 21 में भूषण तिर्की7 गुम 27 में मिशिर उरांव7 गुम 28 में अशोक भगतप्रतिनिधि, गुमलाकैबिनेट ने राज्य की स्थानीय नीति को मंजूरी दे दी है. राज्य बनने के 16 वर्ष बाद स्थानीय नीति बनी है. स्थानीय नीति के अनुसार अगर […]
