मंगलवार की शाम को ग्रामीणों ने दोनों को मार डाला था
गुमला : गुमला के कुलाबीरा गांव में मंगलवार की शाम को पीएलएफआइ के नाम से लेवी मांगने आये दो युवकों को ग्रामीणों ने मारा डाला था. उन दोनों युवकों की पहचान हो गयी है. एक युवक भंडरिया गांव के उदय गोप व दूसरा कामडारा थाना के पिम्पी गांव का विनोद सुरीन है.
पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने दोनों शवों को परिजनों को सौंप दिया है. इधर पीएलएफआइ के एरिया कमांडर मिठू गोप ने दूरभाष पर कहा है कि मारे गये दोनों युवकों का पीएलएफआइ से कोई संबंध नहीं था. अगर पीएलएफआइ के नाम से लेवी मांगी गयी है तो यह संगठन को बदनाम करने की योजना है. इसमें संगठन का कोई हाथ नहीं है.
यहां बता दें कि मंगलवार को उदय व विनोद लेवी नहीं मिलने पर कुलाबीरा नदी में बन रहे पुल निर्माण का काम बंद कराने की धमकी देने आये थे. इसके बाद दोनों गांव में ही शराब पी रहे थे. तभी ग्रामीणों ने घेराबंदी कर दोनों युवकों को पकड़ लिया और कुलाबीर व कसीरा में दोनों का सेंदरा कर दिया.
उदय नौंवी कक्षा का छात्र था : मृतक उदय गोप फोरी स्कूल के नौंवी कक्षा का छात्र है. अपराधिक मामले में वह जेल गया था और 19 अक्तूबर को जमानत पर छूटा था. इसके बाद से वह आसपास गांव के लोगों से लेवी की मांग कर रहा था. उसके मामा समत गोप ने कहा कि जेल से छूटने के बाद लगा था कि वह सुधर गया, लेकिन वह गलत काम कर ही रहा था.
विनोद मैट्रिक पास किया था: मृतक विनोद सुरीन मैट्रिक पास है. वह पांच माह पहले जेल से छूटा था. गांव की ही मोनिका सुरीन की डायन बिसाही की हत्या में वह जेल गया था. पिता जयकांत सुरीन ने कहा कि जेल से छूटने के बाद वह घर भी नहीं गया और दिल्ली कमाने जा रहे हैं कह कर निकला था.इसके बाद आज उसका शव मिला.
जेल में दोनों की दोस्ती हुई थी : उदय व विनोद दोनों जब जेल में थे, तब दोनों में दोस्ती हुई थी. बताया जा रहा है कि सबसे पहले विनोद जेल से निकला तो वह दिल्ली चला गया. इधर जब उदय जेल से निकला तो उसने विनोद से संपर्क कर उसे गुमला बुलाया और ये लोग 20 दिनों से कई लोगों से लेवी की मांग किये थे.
