:13:::: दोबारा स्टीमिट बना कर जमा करें : डीडीसी

:13:::: दोबारा स्टीमिट बना कर जमा करें : डीडीसी 31 गुम 5 में बैठक करते डीडीसीप्रतिनिधि, गुमलामनरेगा से क्रियान्वित योजनाओं की समीक्षा को लेकर गुमला डीडीसी चंद्रकिशोर उरांव ने शनिवार को विकास भवन सभागार में जिले के सभी प्रखंडों के बीडीओ के साथ बैठक की. बैठक में डीडीसी ने पंचायत भवन, एनआरएल, इंदिरा आवास, साप्ताहिक […]

:13:::: दोबारा स्टीमिट बना कर जमा करें : डीडीसी 31 गुम 5 में बैठक करते डीडीसीप्रतिनिधि, गुमलामनरेगा से क्रियान्वित योजनाओं की समीक्षा को लेकर गुमला डीडीसी चंद्रकिशोर उरांव ने शनिवार को विकास भवन सभागार में जिले के सभी प्रखंडों के बीडीओ के साथ बैठक की. बैठक में डीडीसी ने पंचायत भवन, एनआरएल, इंदिरा आवास, साप्ताहिक लक्ष्य सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की. पंचायत भवनों की समीक्षा में बताया गया कि जिले में विभिन्न प्रखंडों में राज्य सरकार और बीआरजीएफ योजना के तहत पंचायत भवन का प्रस्ताव पारित है. लेकिन कुछ स्थानों पर स्टीमिट की समस्या है. राशि कम पड़ रही है. जिस कारण भवन तैयार करने में परेशानी हो रही है. इस पर डीडीसी ने निर्देश दिया कि जहां-जहां का पंचायत भवन राशि के अभाव में अधूरा पड़ा है, वहां का पुन: स्टीमिट बनायें और जमा करें. वहीं एनआरएलएम की समीक्षा में डीडीसी ने एनआरएलएम के तहत एसएसजी में अहर्ता देने के लिए चक्रीय निधि (रिवाल्विंग फंड) देने और मासिक रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया. साथ ही 13वें वित्त आयोग के खर्च राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र भी जमा करने का निर्देश दिया. बैठक में डीडीसी ने जिले की आदिम जनजातियों का जमा किये गये रिपोर्ट पर भी चर्चा की. चर्चा में डीडीसी ने असंतोष प्रकट करते हुए जिले के बिशुनपुर, डुमरी, चैनपुर, रायडीह व पालकोट क्षेत्र के सभी आदिम जनजातीय परिवारों की स्थिति का रिपोर्ट जमा करने और अब तक उन्हें कौन-कौन से योजना का लाभ दिया गया का रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया. बैठक में सभी प्रखंड के बीडीओ को मनरेगा में एक सप्ताह में 2.65 करोड़ रुपये खर्च करने का निर्देश दिया है. इसमें सबसे अधिक राशि घाघरा को 50 लाख तथा बिशुनपुर को 40 लाख रुपये खर्च करना है. जबकि जारी को 20, डुमरी को 25, पालकोट को 30, बसिया को 20, चैनपुर को 20, गुमला को 30 व रायडीह प्रखंड को 30 लाख रुपये खर्च करना है. वहीं आंगनबाड़ी केंद्रों की समीक्षा में बताया गया कि जिले के रायडीह, घाघरा में 26, भरनो में पांच, डुमरी में 11, चैनपुर में आठ आंगनबाड़ी केंद्र का भवन बनाना है. इस पर डीडीसी ने सभी बीडीओ को अपने प्रखंड से संबंधित सीडीपीओ से मिलकर भवन बनाने का निर्देश दिया. बैठक में डीडीसी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2015-16 में इंदिरा आवास का निर्माण मनरेगा से अभिशरण करना है.

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