गुमला/घाघरा : घाघरा प्रखंड के किसान चिंता में है. ओलावृष्टि ने उनकी रोजी रोटी छिन ली. बर्फबारी ने किसानों को जीते जी मार दिया है. पूरे प्रखंड में 34131.27 हेक्टेयर खेत कृषि योग्य है. प्रशासन ने क्षति का आकलन किया है.
प्रशासन के अनुसार लगभग 25 से 30 हजार हेक्टेयर खेत में लगा खरीफ फसल बरबाद हो गया. जिले के इतिहास में यह पहला ओलावृष्टि है, जब इतना नुकसान हुआ है. किसानों ने कहा : अगर मुआवजा नहीं मिला, तो पलायन कर दूसरे राज्य कमाने जायेंगे. क्योंकि घाघरा में पहले से कोई रोजगार नहीं है.
दिन भर किसानों से घिरे रहे प्रशासन के लोग
गुरुवार को रातभर बारिश हुई. बर्फ भी गिरे. बताया जा रहा है कि 250 से 500 ग्राम तक के बर्फ गिरे हैं.धान की बाली झड़ने के अलावा उरद, राहड़, मटर, प्याज, टमाटर, बंधागोभी, फूलगोभी, गोंगरा व अन्य सब्जी फसल को बरबाद कर दिया. शुक्रवार की सुबह को जब किसान खेत पहुंचे तो नुकसान देख कर रोने लगे. इसके बाद लोग सड़क पर उतर गये और जाम कर दिया. बीडीओ व सीओ सुबह से ही लोगों को समझाते हुए दिखे. ब्लॉक में भी दिनभर अधिकारी घिरे रहे.
घर गिरा, तो स्कूल में आश्रय लिया
रात को बारिश में कई घर गिर गये. कई लोगों को हल्की चोट लगी है. बारिश के साथ ठंड भी बढ़ गयी. कई लोगों ने घर गिरने के बाद गांव के स्कूल में आश्रय लिये. देवाकी गांव में रामभंजन पासवान, पिठवरटोली के राम उरांव का घर गिर गया. राम बेघर हो गया है.
धरमू लोहरा, राम महली, नंदकिशोर सिंह, रीझा लोहरा, रंथु लोहरा के घर की छत टूट कर गिर गयी. दीवार भी टूट गया. संजय के घर में पानी घुस गया. दीपक लोहरा के घर का सामान बह गया.
इन किसानों को हुआ है नुकसान
घाघरा के सुशील भगत, देवाकी के प्रसाद साहू, कैलाश उरांव, रामरक्षा साहू, सुशील उरांव, रामनंदन साहू, रामधनी साहू, मोतीलाल साहू, चांची के कृष्णा कच्छप, घुट्ठी गांव के तीजू महतो, प्रदीप बोप, भूषण बड़ाइक, इटकीरी के मुकेश साहू, गोविंद गोप का धान का फसल बरबाद हो गया. किसी का दो एकड़ तो किसी को 10 एकड़ में लगा फसल बरबाद हुआ है. ऐसे प्रशासन की रिपोर्ट में हजारों किसान है.
नेताओं ने की मुआवजे की मांग
ओलावृष्टि से हुई तबाही की जानकारी मिलने के बाद कई नेता घाघरा प्रखंड पहुंचे. भाजपा किसान प्रकोष्ठ के केंद्रीय सदस्य भिखारी भगत, भाकपा माले के विजय सिंह, जिप अध्यक्ष के पति अशोक उरांव ने नुकसान का जायजा लेने के बाद प्रशासन से मुआवजा देने की मांग की है. भिखारी भगत ने कहा कि जो क्षति हुई है. प्रशासन उसका रिपोर्ट बनाकर जल्द सरकार को भेंजे.
रातभर नेतरहाट मार्ग जाम रहा
नेतरहाट जाने के मार्ग पर कई बड़े पेड़ गिर गये. रात को ही पेड़ गिरा. बारिश होने के कारण प्रशासन को जानकारी नहीं मिली. इस कारण रातभर नेतरहाट जाने का मार्ग पेड़ गिरने से बाधित रहा. शुक्रवार की सुबह को गांव के लोगों ने पेड़ काट कर सड़क से हटाया. इसके बाद आवागमन सुचारू हो सका.
कृषि वैज्ञानिकों ने घाघरा का दौरा किया
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ संजय कुमार व अन्य कई वैज्ञानिकों ने घाघरा प्रखंड का दौरा किये. वे प्रभावित गांव पहुंच कर फसल नुकसान की जानकारी ली. डॉ संजय ने कहा कि दस गांव का दौरा किये. इसमें लगभग 200 हेक्टयेर खेत में लगा खरीफ फसल बरबाद हो गया. जो स्थिति है. पूरे प्रखंड के गांवों में नुकसान हुआ है. रिपोर्ट बना कर सरकार को भेजी जायेगी.
महिलाओं को रोते देख बीडीओ पहुंची
फसल बरबाद होने के बाद इटकीरी, देवाकी, आदर गांव की कई महिलाएं रो रही थी. सभी महिलाएं बोल रही थी कि अब कैसे जीयेंगे. जमा पूंजी खेती में लगाया था. अब फसल मर गया तो क्या खायेंगे. महिलाओं को रोते देख बीडीओ शशि नीलिमा डुंगडुंग पहुंची. वह सभी को ढांढ़स बंधा रही थी.
फोटो जमा करना अनिवार्य : सीओ
सीओ समीर कच्छप ने कहा कि जिन किसानोंका फसल बरबाद हुआ है या घर गिरा है. वे लोग फोटो खींचवा कर जरूर जमा करें. ताकि क्षति का रिपोर्ट तैयार कर उसे सरकार के पास भेजा जायेगा. जिससे मुआवजा मिल पायेगा. उन्होंने कहा कि हरेक गांव में संबंध पंचायत के कर्मचारी द्वारा सर्वे भी कराया जायेगा.
खेतों में बगुला मरे पड़े हुए थे
सुबह को जब किसान अपने अपने खेत पहुंचे तो देखा कि फसल मरा पड़ा है. खेत में ही सैंकड़ों बगुला भी जगह-जगह पर गिर कर मरे हुए थे. कई पशुओं की भी मौत हो गयी है.
