पुलिस दबाव में PLFI एरिया कमांडर सहित 2 नक्सलियों ने कोर्ट में किया सरेंडर, हत्या समेत कई मामले हैं दर्ज

Jharkhand News, Gumla News : गुमला पुलिस के दबाव में आकर पीएलएफआई के दो उग्रवादियों ने कोर्ट में सरेंडर किया है. जिनमें कामडारा प्रखंड के सरिता जोन के एरिया कमांडर संजय सुरीन और PLFI दस्ता सदस्य मंगरा टोपनो है. इन दोनों पर हत्या, आर्म्स एक्ट, 17 सीएलए एक्ट एवं लेवी मांगने का आरोप है. गुमला के बसिया, कामडारा व खूंटी जिला के थानों में प्राथमिकी दर्ज है. दोनों नक्सलियों द्वारा सरेंडर करने के बाद न्यायिक हिरासत में लेते हुए जेल भेज दिया गया.

Jharkhand News, Gumla News, गुमला (दुर्जय पासवान) : गुमला पुलिस के दबाव में आकर पीएलएफआई के दो उग्रवादियों ने कोर्ट में सरेंडर किया है. जिनमें कामडारा प्रखंड के सरिता जोन के एरिया कमांडर संजय सुरीन और PLFI दस्ता सदस्य मंगरा टोपनो है. इन दोनों पर हत्या, आर्म्स एक्ट, 17 सीएलए एक्ट एवं लेवी मांगने का आरोप है. गुमला के बसिया, कामडारा व खूंटी जिला के थानों में प्राथमिकी दर्ज है. दोनों नक्सलियों द्वारा सरेंडर करने के बाद न्यायिक हिरासत में लेते हुए जेल भेज दिया गया.

कोर्ट में सरेंडर करने के बाद बसिया अनुमंडन की पुलिस दोनों उग्रवादियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की योजना बनायी है. यहां बता दें कि दो दिन पहले गुमला के पुलिस अधीक्षक एचपी जनार्दनन व बसिया अनुमंडल के एसडीपीओ दीपक कुमार उग्रवादियों के घर पहुंचकर उन लोगों के माता पिता को समझाया था.

मुख्यधारा से भटके अपने बेटों को सरेंडर कराने की अपील किया था. पुलिस अधिकारियों की इस पहल का असर दिखा. सरिता बड़काटोली गांव निवासी पीएलएफआई का एरिया कमांडर संजय सुरीन ने गुमला न्यायालय में सरेंडर किया. संजय के खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट व 17-सीएलए एक्ट के तहत केस दर्ज है. वहीं कामडारा प्रखंड के केनालोया गांव निवासी मंगरा टोपनो ने भी सरेंडर कर दिया है. मंगरा पर आर्म्स एक्ट व 17-सीएलए एक्ट के तहत कामडारा थाने में प्राथमिकी दर्ज है.

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संजय 10 वर्षों से PLFI में सक्रिय है

एरिया कमांडर संजय सुरीन कामडारा थाना क्षेत्र के सरिता, बड़काटोली व आसपास के गांवों में 10 वर्षो से सक्रिय है. वह सबजोनज कमांडर तिलकेश्वर गोप के दस्ते के साथ घूमता था. पूर्व में वह पीएलएफआई के शीर्ष नेता गुज्जू गोप के साथ घूमता था. परंतु पुलिस के लगातार दबाव व प्रभाव से डरकर संजय अपने गांव सरिता इलाके में सक्रिय हो गया. संगठन ने उसे 2014 में एरिया कमांडर बनाया था. इसके बाद से वह कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहा है. यहां तक कि पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में कई बार संजय बच गया था.

पुलिस उसे कई महीनों से पकड़ने के लिए खोज रही थी. दो दिन पहले जब गुमला एसपी व एसडीपीओ बड़काटोली गांव पहुंचे थे तो संजय सुरीन के घर पर ताला लटका हुआ था. संजय के माता पिता कहीं छिप गये थे. इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने 10 लाख के इनामी जोनल कमांडर शनिचर सुरीन के घर पहुंचकर उसके माता पिता से बात की थी. साथ ही शनिचर व संजय को सरेंडर कराने के लिए कहा था. पुलिस के इस दबाव से संजय सरेंडर किया है.

दोनों नक्सलियों को पुलिस लेगी रिमांड पर : दीपक कुमार

बसिया के एसडीपीओ दीपक कुमार ने कहा कि पुलिस के लगातार अभियान व परिवार के लोगों के समझाने के बाद एरिया कमांडर संजय सुरीन व दस्ता सदस्य मंगरा टोपनो ने गुमला कोर्ट में सरेंडर किया है. दोनों उग्रवादियों को रिमांड में लेकर पूछताछ की जायेगी. दूसरे उग्रवादियों से अपील है जो अच्छी जिंदगी जीना चाहते हैं. वे सरेंडर कर दें.

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Posted By : Samir Ranjan.

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